फेस्टिव ऑफर्स में न लग जाए चूना, गाड़ी खरीदने से पहले चेक करें ये चीजें
अगर आप इस फेस्टिव सीजन नई कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो, कार खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लें. फेस्टिन ऑफर्स और डिस्काउंट्स को पहले अच्छी तरह समझने के बाद ही फैसला लें.

भारत में लोग फेस्टिव सीजन में सबसे ज्यादा कार खरीदना पसंद करते हैं. इसकी एक बड़ी वजह त्योहार के समय मिलने वाले फेस्टिव ऑफर्स होते हैं. इस दौरान शोरूम पर कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए कंपनियां और डीलर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट बेनिफिट और फ्री एक्सेसरीज जैसे कई ऑफर्स पेश करते हैं. पहली नजर में ये डील काफी फायदेमंद लगती है और कस्टमर जल्द से जल्द बुकिंग करने के लिए सोचने लगता है. लेकिन हर ऑफर वास्तव में उतना फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है.
कई बार डिस्काउंट का बड़ा फायदा दिखाकर दूसरी जगह अधिक शुल्क जोड़ दिए जाते हैं. कुछ ऑफर्स पुरानी कार एक्सचेंज करने, खास फाइनेंस स्कीम लेने या किसी विशेष वेरिएंट को चुनने पर ही मिलते हैं. इसलिए फेस्टिव सीजन में कार खरीदते समय सिर्फ कितना डिस्काउंट मिल रहा है पर ध्यान देने के बजाय पूरी डील को समझना ज्यादा जरूरी होता है.
ऑफर की पूरी डिटेल लिखित में लें
डीलर से मिलने वाले ऑफर को केवल बातचीत तक सीमित न रखें. सेल्स एग्जीक्यूटिव से पूछें कि कुल डिस्काउंट में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट डिस्काउंट और अन्य लाभ कितने-कितने हैं. अगर कोई ऑफर किसी शर्त के साथ मिल रहा है, तो उसकी जानकारी भी लिखित में लें. इससे बाद में कीमत या डिस्काउंट को लेकर कंफ्यूजन नहीं होगा.
एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत में फर्क समझें
कार की कीमत आमतौर पर एक्स-शोरूम कीमत होती है, जबकि कस्टमर को वास्तविक भुगतान ऑन-रोड प्राइस के आधार पर करना पड़ता है. इसमें RTO, इंश्योरेंस, टैक्स और अन्य शुल्क शामिल होते हैं. इसलिए सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत देखकर फैसला न करें. डीलर से पूरी ऑन-रोड कॉस्ट की जानकारी मांगें और अलग-अलग डीलर से इसे कम्पेयर करने का बाद ही फैसला लें.
इंश्योरेंस पर भी करें मोलभाव
डीलरशिप अक्सर कार के साथ इंश्योरेंस पैकेज भी ऑफर करती है. लेकिन जरूरी नहीं कि वही सबसे सस्ता विकल्प हो. ग्राहक बाहर से भी उपलब्ध इंश्योरेंस प्रीमियम और कवरेज ले सकते हैं. केवल कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी न चुनें. IDV, ऐड-ऑन कवर, जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन और क्लेम शर्तों को भी ध्यान से देखने के बाद ही सही फैसला करें.
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एक्सचेंज बोनस की असली कीमत जानें
अगर आप पुरानी कार देकर नई कार खरीद रहे हैं, तो एक्सचेंज बोनस आकर्षक लग सकता है. ऐसे में सबसे पहले अपनी पुरानी कार की कीमत कम से कम दो-तीन जगह से पता करें. कई बार डीलर एक्सचेंज बोनस देता है, लेकिन पुरानी कार की वैल्यू बाजार के मुकाबले कम भी होती है. ऐसे में बड़ा बोनस मिलने के बावजूद कुल फायदा कम हो सकता है.
एक्सेसरीज के नाम पर अतिरिक्त खर्च से बचें
फेस्टिव सीजन में कुछ डीलर कार के साथ एक्सेसरीज पैकेज लेने के लिए कस्टमर्स को मनाते हैं. इसमें सीट कवर, मैट, सनशेड, बॉडी कवर जैसी चीजें शामिल होती हैं. ऐसा जरूरी नहीं कि हर एक्सेसरी शोरूम से ही खरीदनी होती है. पहले कीमत और गुणवत्ता को कम्पेयर करें. अगर कोई एक्सेसरी अनिवार्य बताई जा रही है, तो उसकी जानकारी और कीमत लिखित में मांगें.
कार का मैन्युफैक्चरिंग मंथ जरूर देखें
फेस्टिव ऑफर में पुरानी इन्वेंट्री पर ज्यादा डिस्काउंट मिलना आम बात है. इसलिए कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर जांचें. VIN या चेसिस नंबर से वाहन की निर्माण संबंधी जानकारी की पहचान करें. कार कितने समय से डीलरशिप पर खड़ी है, यह भी पूछना सही होता है. ज्यादा पुरानी स्टॉक कार पर मिलने वाले डिस्काउंट को नई बनी कार के मुकाबले अलग नजर से देखना चाहिए.
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