दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दौर! 1 जुलाई 2026 से पूरी राजधानी में EV पॉलिसी लागू
Delhi EV Policy 2026: नई नीति के तहत पेट्रोल और डीजल वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन धीरे-धीरे बंद किया जाएगा. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो और छोटे मालवाहक (N1) वाहन ही रजिस्टर होंगे.

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी आज यानी 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी है. यह पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी. सरकार का मकसद राजधानी में प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेजी से बढ़ावा देना है.
सरकार के मुताबिक, सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में करीब 23 फीसदी हिस्सा गाड़ियों से होने वाले उत्सर्जन का होता है. राजधानी में सबसे ज्यादा टू-व्हीलर्स हैं इसलिए सरकार अब इन्हें तेजी से इलेक्ट्रिक बनाने पर जोर दे रही है. इसके अलावा ऑटो, मालवाहक वाहन और कमर्शियल गाड़ियों को भी फेज वाइज इलेक्ट्रिक किया जाएगा.
दिल्ली वालों के लिए सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा?
नई नीति के तहत पेट्रोल और डीजल वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन धीरे-धीरे बंद किया जाएगा. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो और इलेक्ट्रिक छोटे मालवाहक (N1) वाहन ही नए रजिस्टर होंगे. इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नई पेट्रोल या डीजल बाइक और स्कूटर की रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दी जाएगी यानी इस तारीख के बाद नए टू-व्हीलर खरीदने वालों को इलेक्ट्रिक वाहन ही लेना होगा. फिलहाल कारों के लिए ऐसी कोई तारीख तय नहीं की गई है.
इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
सरकार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को भी आर्थिक मदद देगी. 2.25 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर पर पहले साल अधिकतम 30 हजार रुपये, दूसरे साल 20 हजार रुपये और तीसरे साल 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. यह लाभ बैटरी स्वैपिंग और प्लग-इन दोनों तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू होगा.
ऑटो और मालवाहक गाड़ियों को भी मिलेगा फायदा
इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार रुपये और तीसरे साल 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. वहीं बड़े इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों पर पहले साल 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा.
पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे तो मिलेगा ज्यादा फायदा
अगर कोई शख्स BS-4 या उससे पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो उसे अलग से प्रोत्साहन मिलेगा. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 10 हजार रुपये, ऑटो पर 25 हजार रुपये और इलेक्ट्रिक कार पर 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त स्क्रैपिंग सब्सिडी मिलेगी.यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से भी राहत
नई नीति के तहत दिल्ली में खरीदे और रजिस्टर्ड अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों को जीवनभर के लिए 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलेगी.हालांकि 30 लाख रुपये से महंगी इलेक्ट्रिक कारों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
स्कूल बसें और सरकारी गाड़ियां भी होंगी इलेक्ट्रिक
सरकार ने स्कूलों को भी चरणबद्ध तरीके से अपने बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का लक्ष्य दिया है. वहीं दिल्ली सरकार, डीटीसी, एमसीडी, एनडीएमसी और अन्य सरकारी विभागों द्वारा खरीदी या लीज पर ली जाने वाली नई बसें और कई सरकारी वाहन अब केवल इलेक्ट्रिक होंगे.
चार्जिंग स्टेशन भी तेजी से बढ़ेंगे
नई EV पॉलिसी के तहत पूरे दिल्ली में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा.हर वाहन निर्माता कंपनी को अपने प्रत्येक डीलरशिप पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की परेशानी कम हो.
क्या बदलेगा दिल्ली में?
नई EV पॉलिसी के साथ आने वाले सालों में दिल्ली की सड़कों पर पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से बढ़ेंगे.सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और राजधानी में साफ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
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