भारतीय बाजार में क्यों नहीं चला इन कार कंपनियों का जादू? करना पड़ा पैकअप
कभी भारतीय ऑटो बाजार में बड़ी उम्मीदों के साथ उतरीं थी ये कार कंपनियां, लेकिन बिक्री, कीमत और ग्राहकों की पसंद का सही अंदाजा न लगा पाने से करना पड़ा इन्हें पैकअप.

भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में शामिल है. यहां हर साल लाखों कारें बिकती हैं और लगातार नए ब्रांड अपनी किस्मत आजमाने आते हैं. लेकिन भारतीय ग्राहकों की पसंद, कीमत, सर्विस नेटवर्क और स्थानीय बाजार की जरूरतों को समझना हर कंपनी के लिए आसान नहीं रहा. यही वजह है कि कई विदेशी कार कंपनियों को भारत में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली और आखिरकार उन्हें अपना कारोबार समेटना पड़ा. ऐसे में आइए जानते हैं भारतीय बाजार में असफल होने वाली कंपनियों के नाम.
Chevrolet को बिक्री करनी पड़ी बंद
अमेरिकी कंपनी General Motors का Chevrolet ब्रांड भारत में एक समय काफी लोकप्रिय था. कंपनी ने Spark, Beat, Cruze और Tavera जैसी कारें पेश कीं. खासतौर पर Chevrolet Beat और Cruze को भारतीय ग्राहकों ने बेहद पसंद किया. इसके बावजूद कंपनी की बिक्री लंबे समय तक उस स्तर तक नहीं पहुंच सकी, जिसकी उम्मीद थी. महंगे ऑपरेशन, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमजोर बिक्री के चलते General Motors ने 2017 में भारत में नई कारों की बिक्री बंद कर दी.
Ford को नहीं मिली सफलता
Ford भारत में लंबे समय तक मौजूद रहने वाली प्रमुख अमेरिकी कार कंपनियों में से एक थी. Ikon, Fiesta, EcoSport और Endeavour जैसी कारों ने कंपनी को मजबूत पहचान दी थी. Endeavour प्रीमियम SUV ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही. फिर भी कंपनी की बिक्री और मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. भारतीय बाजार में लागत, उत्पादन क्षमता और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बनीं. 2021 में Ford ने भारत में स्थानीय स्तर पर कारों का उत्पादन बंद करने का फैसला किया.
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कमजोर बिक्री के कारण बंद हुई Fiat
Fiat का नाम भारतीय बाजार में Punto और Linea जैसी कारों के लिए जाना जाता है. कंपनी के डीजल इंजन को लेकर भी काफी अच्छी राय थी. लेकिन ब्रांड की सीमित मॉडल रेंज और कमजोर बिक्री ने इसकी मुश्किलें बढ़ा दीं. भारत में ग्राहकों की बदलती पसंद और नए ब्रांड्स की आक्रामक रणनीति के बीच Fiat अपनी बाजार हिस्सेदारी नहीं बना सकी आखिरकार भारत में Fiat ब्रांड की नई कारों की बिक्री लगभग समाप्त हो गई.
Datsun हुई असफल
Nissan के स्वामित्व वाला Datsun ब्रांड भारत में कम कीमत वाली कारों के साथ उतरा था. कंपनी ने GO, GO+ और redi-GO जैसे मॉडल पेश किए. कंपनी का लक्ष्य था कि वह बजट कार खरीदने वाले ग्राहकों को आकर्षित करे. हालांकि, भारतीय बाजार में Maruti Suzuki, Hyundai और Tata Motors जैसी कंपनियों की मजबूत पकड़ के बीच Datsun अपनी अलग जगह बनाने में सफल नहीं हो पाई. कमजोर बिक्री और वैश्विक स्तर पर ब्रांड की रणनीति में बदलाव के चलते Datsun ने भारत समेत कई बाजारों से बाहर निकलने का फैसला किया.
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