बाढ़ में बह गई कार तो मिलेगा Insurance Claim? जानें नियम
बाढ़ में कार बह जाने या पानी में फंसकर खराब होने पर इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा या नहीं? जानें इंश्योरेंस कंपनियों के नियम, क्लेम प्रोसेस और जरूरी एड-ऑन कवर्स.

इन दिनों हर तरफ बारिश ने सभी की मुश्किलें बढ़ा दी है. हमारे देश के कई इलाकों में पानी भर गया है और बाढ़ के हालात बन गए हैं. जिसके चलते आज हम इस खबर में आपको बताएंगे कि, ऐसे मौसम में आप अपनी गाड़ी को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं. जबकि इसके अलावा आज जानेंगे कि, अगर बाढ़ के पानी में आपकी गाड़ी बाह जाएगी तो आपको इंश्योरेंस का पैसा मिलेगा या नहीं. चलिए जानतें जानते हैं बाढ़ में कार को हुए नुकसान पर क्लेम से जुड़े सभी नियम आसान भाषा में.
किस इंश्योरेंस पॉलिसी में मिलेगा क्लेम?
आपको बता दें कि, अगर आपकी गाड़ी बाढ़ के पानी में बह गई है तो बीमा कंपनी से आपको मुआवजा मिलेगा या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कौन सा इंश्योरेंस लिया है:
- थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस: अगर आपकी कार में केवल अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस है तो आपको बाढ़ या पानी से हुए नुकसान का एक भी पैसा नहीं मिलेगा. यह पॉलिसी सिर्फ दुर्घटना में सामने वाले व्यक्ति या संपत्ति के नुकसान की भरपाई करती है.
- कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी: वहीं, अगर आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी है तभी आपको बाढ़, तूफान, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं, चोरी या एक्सीडेंट से हुए नुकसान का क्लेम मिलेगा. यह पॉलिसी बाढ़ में डूबी या बहकर खराब हुई गाड़ी के रिपेयर या रिप्लेसमेंट का पूरा कवर देती है.

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इन ऐड-ऑन कवर का होना क्यों जरूरी?
आपको बता दें कि, बेसिक कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी होने पर भी पानी से जुड़े कुछ नुकसान सीधे कवर नहीं होते. क्लेम को बिना रिजेक्शन पास कराने के लिए ये ऐड-ऑन कवर्स सबसे अहम होते हैं:
- इंजन प्रोटेक्शन कवर: बारिश के पानी में गाड़ी बंद होने या पानी घुसने पर इंजन खराब होने का खतरा रहता है. जबकि बेसिक इंश्योरेंस इसका क्लेम नहीं देता और इंजन बनवाने का खर्च लाखों में आता है जिसे यह ऐड-ऑन पूरी तरह कवर करता है.
- जीरो डेप्रिसिएशन कवर: बाढ़ से कार के पार्ट्स प्लास्टिक, फाइबर, रबर आदि बदलने पर उनकी घिसाई का पैसा नहीं कटता और पूरा रिपेयर क्लेम मिलता है.
- कंज्यूमेबल्स कवर: रिपेयरिंग के दौरान डलने वाले इंजन ऑयल, गियर ऑयल, नट-बोल्ट और ब्रेक ऑयल का खर्च भी बीमा कंपनी उठाती है.
- रोडसाइड असिस्टेंस: बाढ़ या जलभराव में फंसी कार को सुरक्षित वर्कशॉप तक टो कराकर पहुंचाने में मदद करता है.
कभी न करें यह एक गलती
आपको जानकारी दें दे कि, अगर आपकी गाड़ी बाढ़ के पानी में फंस गई है या डूबकर बंद हो गई है तो भूलकर भी सेल्फ मारने या इंजन स्टार्ट करने की कोशिश न करें. यदि आप बंद गाड़ी को स्टार्ट करते हैं और पानी इंजन के भीतर चला जाता है तो इंश्योरेंस कंपनियां इसे चालक की लापरवाही मानकर क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं.
कार बह जाने पर क्या होगा?
अगर कार बह गई या नहीं मिली: अगर तेज बहाव में कार बह जाती है और नहीं मिलती तो इसे टोटल लॉस माना जाता है. एफआईआर और पुलिस की अनट्रेस्ड रिपोर्ट मिलने के बाद इंश्योरेंस कंपनी आपकी पॉलिसी में तय IDV की पूरी रकम आपको देती है.

कार डूबने पर तुरंत क्या करें: गाड़ी जैसी स्थिति में है उसकी फोटो और वीडियो बना लें. इसके तुरंत बाद अपनी इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें और कार को चलाकर ले जाने के बजाय टो-ट्रक से ही अधिकृत सर्विस सेंटर भेजें.
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