एक्सप्लोरर

5 हजार रुपये का Damage, Insurance Claim करना सही या खुद भरें पैसा?

कार में 5,000 रुपये तक का छोटा नुकसान हुआ है तो इंश्योरेंस क्लेम करना चाहिए या खुद जेब से पैसे देने चाहिए? जानिए नो क्लेम बोनस का गणित और सही फैसला.

अब सड़कों पर पहले के मुकाबले गाड़ियों की भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है जिसके चलते अब लोगों के कारों में छोटे-मोटे स्क्रैच पड़ ही जाते हैं. अक्सर, सामने वाली की गलती के चलते आपकी कार टक्कर खा जाती है और डेंट आ जाता है. हमारे देश में कारों पर छोटे-मोटे डेंट और स्क्रैच आना बेहद ही आम बात है. जैसे ही लोगों के कार में कोई डेंट या स्क्रैच आता है जो काफी छोटे अमाउंट तक 5000 रुपये में रहता है तो लोग उसे इंश्योरेंस से ठीक कराना पसंद करते हैं.

लेकिन आपको बता दें कि, इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स और जानकारों की मानें तो हर छोटे-मोटे नुकसान पर क्लेम फाइल करना एक समझदारी भरा फैसला नहीं होता. क्लेम करने से पहले आपको कंपल्सरी डिडक्टिबल और नो क्लेम बोनस के गणित को समझना बेहद जरूरी है. अगर आप भी 5,000 रुपये के नुकसान का हिसाब-किताब ध्यान से लगाएंगे तो पाएंगे कि क्लेम लेने के बजाय अपनी जेब से पैसे भरकर मरम्मत कराना ही आपके लिए ज्यादा फायदे का सौदा साबित होगा. चलिए जानतें हैं कैसे?

नो क्लेम बोनस का समझें गणित

आपको बता दें कि, अगर आप पूरे साल अपनी गाड़ी का कोई भी इंश्योरेंस क्लेम नहीं लेते हैं तो इंश्योरेंस कंपनी आपको नो क्लेम बोनस के रूप में अगले साल प्रीमियम पर भारी डिस्काउंट देती है. यह डिस्काउंट 20% से शुरू होकर लगातार 5 साल तक क्लेम न लेने पर सीधे 50% तक पहुंच जाता है.

उदाहरण देकर आपको बताएं तो अगर आपका सालाना ओन-डैमेज प्रीमियम 15,000 रुपये आता है और आपको 50% NCB मिल रहा है तो आपकी सीधी बचत 7,500 रुपये की होती है. अगर आप 5,000 रुपये का छोटा क्लेम ले लेते हैं तो आपका NCB तुरंत जीरो हो जाएगा और अगले साल आपको पूरा प्रीमियम भरना पड़ेगा. यानी 5,000 रुपये पाने के चक्कर में आप 7,500 रुपये का डिस्काउंट गंवा बैठेंगे.


5 हजार रुपये का Damage, Insurance Claim करना सही या खुद भरें पैसा?

Image Credit- AI Generated

यह भी पढ़ें: कार बेच दी लेकिन FASTag नहीं हटाया? पड़ सकता है भारी

कंपल्सरी डिडक्टिबल का झंझट

जानकारी के लिए बता दें कि, कार इंश्योरेंस में IRDAI के नियमानुसार एक कंपल्सरी डिडक्टिबल की शर्त होती है. 1500cc तक की कारों के लिए हर क्लेम पर आपको अपनी जेब से कम से कम 1,000 रुपये खुद देने ही पड़ते हैं चाहे आपके पास जीरो डेप पॉलिसी ही क्यों न हो.

वहीं, अगर कुल मरम्मत का खर्च 5,000 रुपये है तो उसमें से 1,000 रुपये डिडक्टिबल कट जाएंगे और फाइलिंग चार्ज जैसे कुछ अन्य खर्चे मिलाकर बीमा कंपनी आपको सिर्फ 3,500 से 4,000 रुपये का ही भुगतान करेगी. इतने कम पैसे के लिए अपना बड़ा NCB दांव पर लगाना सही फैसला नहीं माना जाता.

क्या पड़ता है प्रीमियम पर असर?

बता दें कि, बार-बार या छोटे-छोटे क्लेम फाइल करने से आपकी इंश्योरेंस हिस्ट्री पर भी नेगेटिव असर पड़ता है. बीमा कंपनियां ऐसे ग्राहकों को हाई रिस्क की कैटेगरी में डाल देती हैं जो छोटी-छोटी बातों पर क्लेम फाइल करते हैं.

जिसकी वजह से अगले साल पॉलिसी रिन्यू कराते समय कंपनी आपसे ज्यादा प्रीमियम वसूल सकती है या फिर आपको मिलने वाले दूसरे एड-ऑन कवर्स पर मिलने वाली छूट खत्म कर सकती है. इसलिए एक समझदार कार मालिक हमेशा अपनी क्लेम हिस्ट्री को साफ-सुथरा रखने की कोशिश करता है ताकि जरूरत पड़ने पर बड़े हादसों में पूरा फायदा मिल सके.


5 हजार रुपये का Damage, Insurance Claim करना सही या खुद भरें पैसा?

Image Credit- AI Generated

कब जेब से दें पैसा?

आपको बता दें कि, अगर आपकी गाड़ी के नुकसान की रिपेयरिंग का खर्च 5,000 से 8,000 रुपये के बीच है और आपका NCB डिस्काउंट बचा हुआ है तो क्लेम न फाइल करके खुद जेब से भुगतान करना ही समझदारी है. लोकल गैरेज से छोटा-मोटा डेंट-पेंट का काम सस्ते में हो जाता है.

लेकिन अगर नुकसान बड़ा है जैसे रिपेयरिंग का बिल 15,000 से 20,000 रुपये या उससे ज्यादा बन रहा है या फिर गाड़ी का इंजन, बोनट या बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है तभी इंश्योरेंस क्लेम फाइल करने का कदम उठाना चाहिए. छोटा नुकसान खुद भुगतें और बड़ा क्लेम भविष्य के लिए संभालकर रखें.

यह भी पढ़ें: 600 KM से ज्यादा रेंज और 2 सेकंड में 100 की स्पीड, भारत आ रही ये EV

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

10 लाख तक कीमत और शानदार बूट स्पेस, ये हैं गजब की सेडान कारें
10 लाख तक कीमत और शानदार बूट स्पेस, ये हैं गजब की सेडान कारें
शुरू हो गई टेस्ला की बुकिंग! कितने रुपये देकर कर सकते हैं बुक
शुरू हो गई टेस्ला की बुकिंग! कितने रुपये देकर कर सकते हैं बुक
Ferrari प्रेमियों के लिए खुशखबरी, भारत पहुंचीं दुनिया की सबसे महंगी कारें
Ferrari प्रेमियों के लिए खुशखबरी, भारत पहुंचीं दुनिया की सबसे महंगी कारें
किस सेगमेंट की कार में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर, जान लें
किस सेगमेंट की कार में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर, जान लें
Advertisement

वीडियोज

Sandeep Chaudhary : जनता परेशान...कारोबार का नुकसान...कब समाधान? | Rahul Gandhi | SIR | Neha Bora
Kolkata Durga Pandal Stampede: दुर्गा पंडाल में मौत की भगदड़! | Bengal | Suvendu Adhikari | Breaking
Mahadangal: 'तख्तापलट' की आस...अराजकता का प्रयास? Abhijeet Dipke | Neha Bora | CJP | Rahul Gandhi
France Protest 2026 | Breaking News: यूरोप के सुलगे देश...सड़कों पर 'आक्रोश' | Europe | ABP News
Bollywood News: 'कॉफी विद करण 9' में 'विरोश' का तड़का: काउच पर दिखेगा विजय और रश्मिका का रोमांस! (18.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
'बीजेपी फर्जी वोट और बेईमानी को अपनी ताकत...', अखिलेश यादव का तीखा हमला
'बीजेपी फर्जी वोट और बेईमानी को अपनी ताकत...', अखिलेश यादव का तीखा हमला
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
'मंदादि' क्लोजिंग बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, बनाया बड़ा रिकॉर्ड, कमाया 176.48% प्रॉफिट
'मंदादि' क्लोजिंग बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, बनाया बड़ा रिकॉर्ड, कमाया 176.48% प्रॉफिट
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', किरेन रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
नेहा बोरा को लेकर चिराग पासवान का राहुल पर निशाना- 'जिस लड़की की तस्वीर...'
नेहा बोरा को लेकर चिराग पासवान का राहुल पर निशाना- 'जिस लड़की की तस्वीर...'
YSR प्रमुख जगनमोहन रेड्डी का CEC पर चौंकाने वाला बयान- 'मेरी भूल थी कि...'
YSR प्रमुख जगनमोहन रेड्डी का CEC पर चौंकाने वाला बयान- 'मेरी भूल थी कि...'
किस सेगमेंट की कार में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर, जान लें
किस सेगमेंट की कार में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर, जान लें
Embed widget