नई कार खरीदने से पहले जान लें ये बातें, बड़ी मुसीबत से बच जाएंगे
Car Buying guide: डीलर से सिर्फ कार की कीमत पूछकर बात खत्म न करें. ऑन-रोड कीमत, इंश्योरेंस, RTO, एक्सेसरीज, फाइनेंस चार्ज और अन्य फीस की पूरी जानकारी लिखित में लें.

नई कार खरीदना हर किसी के लिए एक बड़ा फैसला होता है. कार की कीमत के अलावा माइलेज, मेंटेनेंस, सेफ्टी, फीचर्स, रीसेल वैल्यू और फाइनेंस जैसी कई चीजों पर ध्यान देना पड़ता है. ऐसे में जल्दबाजी में सिर्फ पसंद आने वाली कार खरीदने की बजाय अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से फैसला करना ज्यादा समझदारी है. ऐसे में कुछ चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
पहले बजट तय करें
कार खरीदने से पहले सबसे जरूरी है कि आप अपना कुल बजट तय करें. सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत देखकर बजट न बनाएं, क्योंकि कार की ऑन-रोड कीमत में RTO, इंश्योरेंस और दूसरे चार्ज भी जुड़ते हैं.अगर कार लोन पर लेनी है, तो डाउन पेमेंट और हर महीने जाने वाली EMI को भी अपने बजट में शामिल करें.इससे बाद में आर्थिक परेशानी से बचा जा सकता है.
जरूरत के हिसाब से कार खरीदें
कार खरीदने से पहले यह तय करें कि उसका इस्तेमाल किस तरह होगा.अगर कार का इस्तेमाल मुख्य रूप से शहर में करना है, तो छोटी और आसानी से चलने वाली कार बेहतर हो सकती है.वहीं परिवार बड़ा है या अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करनी है, तो ज्यादा स्पेस वाली SUV या सेडान पर विचार किया जा सकता है. यानी कार का चुनाव सिर्फ डिजाइन देखकर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से करना चाहिए.
माइलेज पर भी ध्यान दें
अगर कार का इस्तेमाल रोजाना ऑफिस, बाजार या लंबी दूरी के लिए होता है तो माइलेज काफी जरूरी हो जाता है. पेट्रोल, डीजल, CNG, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक में से ऑप्शन चुनते समय अपनी रोजाना की ड्राइविंग और ईंधन खर्च को ध्यान में रखें.अच्छी माइलेज वाली कार लंबे समय में चलाने का खर्च कम करने में मदद कर सकती है.

सेफ्टी को नजरअंदाज न करें
नई कार खरीदते समय सिर्फ फीचर्स और लुक पर ध्यान देना सही नहीं है. एयरबैग, ABS, EBD, ESC, सीट बेल्ट, पार्किंग सेंसर और अन्य सेफ्टी फीचर्स की जानकारी जरूर लें. अगर किसी कार की क्रैश टेस्ट रेटिंग उपलब्ध है, तो उसे भी देखना फायदेमंद हो सकता है.हालांकि, ज्यादा सेफ्टी फीचर्स होना और अच्छी क्रैश रेटिंग एक ही बात नहीं है, दोनों को अलग-अलग देखना चाहिए.
फीचर्स की जरूरत समझें
आजकल कारों में टचस्क्रीन, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, कैमरा और कई दूसरे फीचर्स मिलते हैं.लेकिन हर फीचर आपके लिए जरूरी हो, यह जरूरी नहीं है.इसलिए ऐसी कार या वेरिएंट चुनें जिसमें आपके काम के फीचर्स मिलें.सिर्फ ज्यादा फीचर्स के लिए महंगा वेरिएंट खरीदने से बचना बेहतर है.
इंजन और गियरबॉक्स भी जांचें
कार खरीदने से पहले इंजन की क्षमता और गियरबॉक्स का विकल्प भी समझें.अगर आपका ज्यादातर सफर शहर के ट्रैफिक में होता है, तो ऑटोमैटिक कार सुविधाजनक हो सकती है.वहीं ज्यादा कंट्रोल और कम शुरुआती कीमत को प्राथमिकता देने वाले खरीदार मैनुअल वेरिएंट पर विचार कर सकते हैं.ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं.
टेस्ट ड्राइव जरूर लें
किसी भी कार को फाइनल करने से पहले टेस्ट ड्राइव लेना बेहद जरूरी है.इससे आपको ड्राइविंग पोजिशन, सीट कम्फर्ट, विजिबिलिटी, स्टीयरिंग, ब्रेक और इंजन की परफॉर्मेंस का वास्तविक अंदाजा मिलता है.परिवार के लिए कार खरीद रहे हैं तो संभव हो तो परिवार के सदस्यों के साथ भी कार की जगह और आराम को जांचें.

अलग-अलग कारों की तुलना करें
एक ही कार पर तुरंत फैसला लेने के बजाय अपने बजट में आने वाली दूसरी कारों से उसकी तुलना करें.कीमत, माइलेज, सेफ्टी, फीचर्स, स्पेस, मेंटेनेंस और सर्विस नेटवर्क जैसे पहलुओं को एक साथ देखकर फैसला करना ज्यादा बेहतर रहता है.इससे आपको पता चलेगा कि आपके पैसे के हिसाब से कौन-सी कार बेहतर पैकेज दे रही है।
ऑन-रोड कीमत और फाइनेंस की जानकारी लें
डीलर से सिर्फ कार की कीमत पूछकर बात खत्म न करें.ऑन-रोड कीमत, इंश्योरेंस, RTO, एक्सेसरीज, फाइनेंस चार्ज और अन्य फीस की पूरी जानकारी लिखित में लें.अगर लोन ले रहे हैं तो ब्याज दर, लोन अवधि, प्रोसेसिंग फीस और कुल भुगतान भी समझ लें.कम EMI देखकर तुरंत लोन लेने के बजाय कुल कितनी रकम चुकानी होगी, यह देखना ज्यादा जरूरी है.
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