भारत की इस देसी कंपनी ने चीन को दिखाई ताकत! तैयार की देश की पहली Rare Earth-Free EV मोटर
बेंगलुरु की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी सिंपल एनर्जी ने बड़ी कामयाबी पाई है. उसने देश का पहला इलेक्ट्रिक मोटर बनाया है जिसमें रेयर अर्थ एलिमेंट्स का इस्तेमाल नहीं हुआ है. आइए विस्तार से जानते हैं.

बेंगलुरु की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी सिंपल एनर्जी ने देश की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक मोटर बनाई है, जिसमें रेयर अर्थ एलिमेंट्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि अब इस मोटर के लिए चीन से आने वाली rare metals की जरूरत नहीं होगी. ये उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि कुछ महीने पहले चीन ने भारत को रेयर अर्थ मटेरियल की सप्लाई रोक दी थी, जिससे EV इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ा था, लेकिन सिंपल एनर्जी ने इस मुश्किल को अवसर में बदल दिया और भारत की पहली ऑटो कंपनी बन गई जिसने बिना रेयर अर्थ एलिमेंट्स वाली मोटर का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया है.
Rare Earth Elements क्या होते हैं और क्यों हैं जरूरी?
- रेयर अर्थ एलिमेंट्स यानी विशेष धातुएं, जैसे नीओडिमियम और डाइसप्रोशियम, इलेक्ट्रिक मोटरों को तेज और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं. अभी तक इन धातुओं का अधिकांश हिस्सा चीन से आता था. इसलिए जब चीन ने भारत को रेयर अर्थ मटेरियल की सप्लाई पर पाबंदी लगाई, तो इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा था, लेकिन सिंपल एनर्जी ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया. कंपनी की इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) टीम ने वैकल्पिक मटेरियल और स्मार्ट एल्गोरिदम विकसित किया, जिससे मोटर का परफॉर्मेंस वही रहा, लेकिन चीनी धातुओं पर निर्भरता खत्म हो गई.
सिंपल एनर्जी की मोटर की खासियत
- कंपनी का कहना है कि इस मोटर का लगभग 95% हिस्सा भारत में ही तैयार किया गया है, जिससे आयात पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी. यह मोटर सिंपल एनर्जी के पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटरों जैसे सिंपल वन जेन 1.5 (248 किमी रेंज) और वन एस (181 किमी रेंज) में इस्तेमाल की जाएगी. मोटर का प्रोडक्शन तमिलनाडु के होसुर में कंपनी की 2 लाख स्क्वायर फुट फैक्ट्री में शुरू हो चुका है. कंपनी के को-फाउंडर और CEO सुहास राजकुमार का कहना है कि ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों ने साफ कर दिया है कि EV का फ्यूल ‘लोकल फॉर वोकल’ पर टिका है. हमने ‘मेक इन इंडिया’ को साकार किया है.
भारत में EV इंडस्ट्री को होगा फायदा
- Rare Earth-Free मोटर लॉन्च होने के बाद भारतीय EV कंपनियों को अब चीन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इसका सीधा असर मोटर और बैटरी बनाने की लागत पर पड़ेगा. इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर और चार्जिंग टेक्नोलॉजी की कीमतें भी कम होंगी. इसका फायदा आम ग्राहकों तक पहुंचेगा क्योंकि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक स्कूटर और भी किफायती और सुलभ हो जाएंगे. साथ ही, यह कदम भारत को EV टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेगा.
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Source: IOCL





















