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पुतिन की यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी, क्या 2 अक्टूबर के बाद कुछ बड़ा होने वाला है?

रूस-यूक्रेन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इन दोनों देशों की जंग के बीच राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) ने परमाणु हमले की धमकी देकर एक बार फिर देश और दुनिया की टेंशन बड़ा दी है.

राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) यूक्रेन को सबक सीखाने के मूड में आ गए है. बीते दो सालों से यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ रहे पुतिन अब यूक्रेन (Ukraine) और उसके सहयोगी देशों को मैसेज देने के लिए नया पैतरा लेकर आए हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने अब परमाणु हमले की धमकी दी है. जिसके बाद से दुनिया के सभी देश टेंशन में आ गए हैं, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो दुनिया का भूगोल बदल सकता है. राष्ट्रपति पुतिन के बारे में सभी जानते हैं कि वे एक सख्त मिजाज के व्यक्ति हैं, जो किसी भी हद तक जा सकते हैं. इसलिए राष्ट्रपति पुतिन की इस धमकी को कोई भी हल्के में नहीं ले रहा है.

ग्रहों की गणना की बात करें तो ये समय देश-दुनिया के लिए कुछ चुनौतियां भरा है. खास तौर पर सत्ता पर बैठे लोगों के लिए. इसलिए ऐसे समय में राष्ट्रपति पुतिन की परमाणु हमले वाली धमकी के मायने समझने होंगे. ज्योतिष के माध्यम से राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) के दिमाग में आखिर चल क्या रहा है, और आने वाले दिनों में किस तरह की स्थितियों का निर्माण हो सकता है. इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं-


पुतिन की यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी, क्या 2 अक्टूबर के बाद कुछ बड़ा होने वाला है?

परमाणु हमले की धमकी
राष्ट्रपति पुतिन ने 25 सितंबर 2024 को यूक्रेन को धमकी दी है. ज्योतिष गणना के अनुसार 23 सितंबर को वाणी के कारण बुध ग्रह का गोचर कन्या राशि में होता है. बुध ग्रह को बुद्धि, वाणिज्य, वाणी, कानून, लॉजिस्टिक आदि का कारक माना गया है. ऐसे में ये कहना कि राष्ट्रपति पुतिन की ये धमकी सिर्फ डारने के लिए है तो कहना गलत है.जिस स्थिति में राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान आया है वो बहुत सोच समझकर और पूरी कूटनीति के साथ दिया गया है. इसके बड़े परिणाम आने वाले समय में देखने को मिल सकते हैं.

इंटरनेट पर मौजूद राष्ट्रपति पुतिन की बर्थ डिटेल के अनुसार इनका जन्म 7 अक्टूबर 1952, सोवियत संघ के रूसी गणराज्य के लेनिनग्राद (वर्तमान सेंट पीटर्सबर्ग, रूस) का है. राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) की कुंडली तुला लग्न की है, और तुला राशि का स्वामी शुक्र ग्रह लग्न में ही विराजमान है. राष्ट्रपति पुतिन की कुंडली में 8 बड़े राजयोग उपस्थित हैं. जो इस प्रकार हैं-

  • बुधात्यि योग
  • अनफा योग
  • पर्वत योग
  • वेशी योग
  • मालव्य पंच महापुरुष योग
  • पाराशरी राज योग
  • विमल मिपरीत राज योग
  • धन योग

राष्ट्रपति पुतिन की मजबूत कुंडली है. ग्रहों की स्थिति और बनने वाले शुभ योग उन्हें दूसरे शासकों से बहुत अलग बनाते हैं. राष्ट्रपति पुतिन एक कुशल रणनीतिकार भी हैं. चौथे भाव में मायावी ग्रह राहु औक 10वें भाव में केतु की मौजूदगी उन्हे कठोर बनाती है. यही कारण है कि वे बड़े निर्णय लेने में देर नहीं करते हैं. ऐसे व्यक्ति अपने लक्ष्य पर फोकस करते हैं और उसे पाने के लिए ये कुछ भी करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं. 

केतु की दशम भाव में मौजूदगी यहां विशेष ध्यान देने योग्य है. यहां केतु अपनी शत्रु राशि कर्क में विराजमान है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ऐसी स्थिति बनती है तो राजकीय व्यक्ति या अधिनस्थों से धोखा मिलने की अधिक संभावना रहती है. अभी राष्ट्रपति पुतिन पर बुध की दशा चल रही है, जो 24 नवंबर 2022 के बाद आरंभ हुई है. शनि की दशा में पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध का बिगुल फूंका था, दो साल बाद भी ये दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है.

सूर्य ग्रहण के बाद कुछ बड़ा कर सकते हैं राष्ट्रपति पुतिन?

2 अक्टूबर 2024 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2024) लग रहा है. पुतिन की कुंडली में इस साल 12 वें भाग में मंगल केतु से अंगारक योग और छठे भाव में गुर-चांडाल योग बना हुआ है. ये सब मिलकर राष्ट्रपति पुतिन से कुछ अप्रत्याशित करा सकते हैं. सूर्य ग्रहण से तीन महीने रूस (russia) के लिए महत्वपूर्ण हैं. जिसका प्रभाव देश-दुनिया पर भी देखने को मिलेगा. राष्ट्रपति पुतिन की साख को नुकसान हो सकता है. वहीं किसी बीमारी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. घर के भीतर भी उन्हे चुनौतियां का सामना करना पड़ सकता है. कुछ निर्णय गलत भी हो सकते हैं.

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About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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