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Planetary Parade 2026: आज शाम सूर्यास्त के बाद आसमान में प्लेनेटरी परेड, बुध-शुक्र समेत 6 ग्रह एक कतार में दिखेंगे
Planetary Parade 2026: आज सूर्यास्त होने के बाद आसमान में दुर्लभ खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जो खगोलप्रेमियों के लिए बड़ा खास है. 6 ग्रह एक सीध में भारत समेत दुनियाभर में कहीं से भी देख सकते हैं.

February Planetary Parade 2026: आज शनिवार के दिन आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी. सूर्यास्त होने के बाद सौरमंडल के 6 ग्रह एक सीध में नजर आएंगे. अगर मौसम साफ रहा है, तो भारत समेत दुनिया भर के लोग इस अद्भुत खगोलीय नजारे के साक्षी बन सकेंगे.
खगोल विज्ञान की सरल भाषा में कहे तो, जब कई ग्रह सूर्य के एक ही ओर करीब एक कतार में दिखाई देते हैं, तो इसे प्लेनेटरी परेड कहा जाता है. हालांकि अंतरिक्ष में ग्रह असल में एक सीधी रेखा में नहीं होते, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक दिशा में क्रमबद्ध दिखाई देते हैं.
कौन-कौन से ग्रह होंगे शामिल?
आज घटने वाली इस दुर्लभ खगोलीय घटना में बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल रहेंगे.
जानकारों के मुताबिक, यह नजारा 28 फरवरी को सूर्यास्त के करीब 30 मिनट बाद साफतौर पर दिखाई देगा. दर्शक इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए पश्चिम दिशा की ओर देखना होगा. भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग अपने घरों की छत या किसी खुली जगह से इसे आसानी से देख सकते हैं.
शुक्र ग्रह सबसे अधिक चमकीला
इस परेड में सबसे ज्यादा चमकीला ग्रह शुक्र होगा, जो पश्चिमी क्षितिज के नजदीक दिखाई देगा. शुक्र और बुध क्षितिज के काफी पास रहेंगे.
शनि, बृहस्पति, यूरेनस और नेपच्यून अपेक्षाकृत ऊपर की ओर क्रम में दिखाई देंगे. हालांकि इस महीने मंगल ग्रह इस परेड का हिस्सा नहीं होगा, इसलिए इसे 6 ग्रह परेड कहा जा रहा है.
इन ग्रहों के लिए टेलीस्कोप की जरूरत
यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी.
ग्रह और तारों में अंतर समझने के लिए एक सरल तरीका यह है कि, तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह स्थिर प्रकाश के साथ चमकते हैं.
आज की इस परेड में बृहस्पति अपनी तेज चमक की वजह से आसानी से पहचाना जा सकेगा. यह दक्षिणी आकाश में ओरायन नक्षत्र के नजदीक दिखाई देगा.
सावधानी बरतने की जरूरत है?
अंतरिक्ष एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि, ग्रहों को देखने की कोशिश तभी करें जब सूर्य पूरी तरह से डूब चुका हो. ऐसे में सूर्य की ओर सीधे देखना आंखों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है.
शहरों में रहने वाले लोगों को जहां रोशनी प्रदूषण अधिक होता है, ऊंची इमारतों की छत या खुले स्थान की ओर जाना सही रहेगा, ताकि पश्चिमी आकाश में इस खगोलीय नजारे का आनंद उठाया जा सकें.
क्यों विशेष है यह खगोलीय घटना?
ऐसी प्लेनेटरी परेड नियमित तौर पर देखने को नहीं मिलती है. यह खगोल प्रेमियों के लिए एक शानदार मौका है, जब वे सौरमंडल की संरचना को अपनी आंखों से देख सकते हैं.
साफ आसमान और सही दिशा में देखने से आप भी इस दुर्लभ खगोलीय नजारे का हिस्सा बन सकते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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