Trigrahi Yog: अजीब ग्रह संयोग में शुरू हो रही है जुलाई 2025 की शुरुआत, क्या जून जैसे परिणाम फिर!
Trigrahi Yog 1 July 2025: जुलाई में क्या कुछ बड़ा हो सकता है? जून का महीना विमान हादसा और युद्ध के नाम रहा. ऐसे में जुलाई के महीने को लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं.जुलाई का महीना कैसा रहेगा? ज्योतिष से जानते हैं.

Prediction 2025: जुलाई का महीना आज से शुरू हो चुका है, जून 2025 की यादें अच्छी नहीं रहीं. ऐसे में लोगों की कामना है कि जुलाई का महीना अच्छे से गुजरे. आज 1 जुलाई है. जुलाई के पहले ही दिन विशेष घटना घट रही है. सिंह राशि में तीन ग्रहों की युति बनी है.
लोगों की चिंता इस बात को लेकर है कि सिंह राशि में 1 जुलाई 2025 को पाप ग्रह केतु, उग्र ग्रह मंगल और शांत ग्रह चंद्रमा की युति एक साथ बन रही है.
1 जुलाई 2025 सिंह राशि में त्रिग्रही योग बना है. महीना का पहला ही दिन अगर ऐसा है तो आने वाले दिन कैसे होगें, चंद्रमा-मंगल-केतु की ज्वाला से क्या हिलेगा विश्व? क्योंकि ज्योतिष में इस योग को शुभ नहीं माना जाता है. सिंह राशि में ग्रहों की जो हलचल देखने को मिल रही है क्या वो पूरे महीने देखने को मिलेगी? समझते हैं-
ग्रहों की स्थिति और ज्योतिष की मानें तो मंगल, चंद्र और केतु. जब सिंह राशि में मिलते हैं तो सिर्फ भाग्य नहीं, देश-दुनिया की नीति और दिशा भी बदलती है! 1 जुलाई 2025, मंगलवार. सिंह राशि में एक तीव्र, उग्र और भावनात्मक त्रिग्रही योग बन रहा है:
- चंद्रमा (मन, जन, भावना)
- मंगल (युद्ध, निर्णय, अग्नि)
- केतु (विच्छेद, ध्वंस, अतार्किकता)
यह संगम किसी एक व्यक्ति या देश पर नहीं, समूची वैश्विक व्यवस्था और जिओ पॉलिटिक्स पर गहरा मानसिक और रणनीतिक प्रभाव डाल सकता है.
पंचांग 1 जुलाई 2025, त्रिग्रही योग की सटीक गोचर स्थिति
| ग्रह | स्थिति | अर्थ |
| चंद्रमा | सिंह | आत्मगौरव, निर्णय में भावना |
| मंगल | सिंह | आक्रोश, युद्ध-नीति, नेतृत्व |
| केतु | सिंह | अतार्किक प्रवृत्ति, आत्मविसर्जन |
तीनों ग्रह सिंह राशि में, जिसका स्वामी सूर्य है. जो ‘अग्नि तत्व’, ‘राजनीति’, ‘सत्ता’ और ‘स्वाभिमान’ की टकराहट का संकेत दे रहा है.
त्रिग्रही योग में क्या होता है? बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में इस पर बताया गया है कि-
त्रयः ग्रहाः एकराशिस्थाः स्यात् दोषफलप्रदाः.
स्वबलवंतो यदि तु युद्धे चक्रवातकाः
इसका अर्थ है कि जब तीन ग्रह एक ही राशि में होते हैं, विशेषतः यदि उनमें कोई उग्र ग्रह (जैसे मंगल) हो, तो यह युद्ध, चक्रवात, अग्निकांड, मानसिक परेशानी, राजनीतिक उथल-पुथल ला सकता है.
सिंह राशि में त्रिग्रही योग के प्रभाव
| क्षेत्र | संभावित प्रभाव |
| राजनीति | राजनैतिक विद्रोह,लीडरशिप में अस्थिरता |
| वैश्विक संबंध | सीमा संघर्ष,अंतर्राष्ट्रीय बयानबाजी |
| मानसिकता | जनमानस में अस्थिरता, उग्र प्रतिक्रियाएं |
| धर्म संप्रदाय | धार्मिक आयोजन में भावनात्मक अति |
| प्राकृतिक संकेत | अग्निकांड, सैन्य अभ्यास, वायुसेना सक्रियता |
मेदिनी ज्योतिष दृष्टि से विश्व प्रभाव
1- भारत
- पूर्व और दक्षिण राज्यों में अग्निकांड या वायुसेना-संबंधी घटनाओं की आशंका
- राजनीति में बड़े नेताओं की छवि को लेकर विवाद संभव
- संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक सख्ती
2- पश्चिम एशिया (ईरान, इजराइल)
- सिंह राशि एक अग्नि तत्व की राशि है. यहां मंगल ग्रह का होना सैन्य टकराव की संभावना को पैदा करता है.
- चंद्रमा और केतु की युति सिंह राशि में संवेदनशील धार्मिक मुद्दे भड़कने के सकते दे रहे हैं, 28 जुलाई तक इसमें बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है.
3- अमेरिका, रूस, चीन
- मंगल और केतु की युति इन तीनों देशों के बीच तकनीकी टकराव, साइबर अटैक की संभावनाएं को दर्शा रही है.
- सिंह राशि में मंगल और केतु ग्रह, राजनीतिक ‘शो ऑफ पॉवर’ और नेतृत्व संघर्ष का भी संकेत दे रहे हैं, ट्रंप की शैली लोगों के बीच चिंता और चर्चा का कारण बनेगी.
जुलाई का महीना, भारत के लिए क्यों विशेष?
जुलाई के महीने की शुरुआत मंगलवार के दिन से दिन हो रही है. मंगल ग्रह सिंह राशि में है. मंगल को ज्योतिष ग्रंथों में सेना, युद्ध, हिंसा, दुर्घटना, आक्रोश और आंदोलन आदि का कारक माना गया है. इस गोचर से देश की सैन्य नीति सक्रिय रहेगी. शत्रुओं से सावधान रहने का संकेत भी दे रहा है.
वहीं केतु और चंद्रमा का जुड़ाव. जनता का मन भ्रमित, सोशल मीडिया से उपजे जनविरोध की आशंका को जन्म दे सकता है. वहीं जुलाई में उत्तर भारत में विशेष रूप से सत्ता पक्ष को आलोचना या चुनौती मिल सकती है.
शास्त्र-सम्मत, उपाय
| उद्देश्य | उपाय |
| मानसिक स्थिरता | ॐ नमः शिवाय” का जाप 108 बार करें |
| त्रिग्रही दोष से मुक्ति | हनुमान मंदिर में 5 दीपक जलाएं |
| केतु की शांति | कुत्ते को रोटी और तिल का तेल लगाकर खिलाएं |
| मंगल की शांति | सुंदरकांड का पाठ करें |
त्रिग्रही योग के मनोवैज्ञानिक संकेत
जुलाई के पहले दिन की ग्रहों से बनने वाली युति महत्वपूर्ण संकेत दे रही है. इसके क्या परिणाम देखने को मिल सकते हैं या ये किस तरह के संकेत दे रही है? 1 जुलाई 2025 का सिंह राशि त्रिग्रही योग केवल एक गोचर नहीं. यह एक मानसिक युद्ध, राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक नीति निर्धारण की पृष्ठभूमि हो सकता है.
- लीडरशिप को लेकर बेचैनी
- हर बात में व्यक्तिगत भावना आहत
- सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रियाएं और ट्रेंड
- जनता के मन में ‘कथित सत्य’ के नाम पर भ्रम और प्रतिक्रिया
लेकिन इन सब शंकाओं के बाद भी शास्त्र ये भी बताते हैं कि चंद्र-मंगल-केतु सिंह राशि में हों, तो भावनाओं में अग्नि और निर्णय में विक्षेप निश्चित है. पर यदि यही योग साधना और विवेक से जोड़ा जाए तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है.
FAQs
Q1. त्रिग्रही योग क्या होता है?
जब तीन ग्रह एक ही राशि में स्थित होते हैं और कम से कम एक उग्र ग्रह होता है (जैसे मंगल), तो वह त्रिग्रही योग कहलाता है . विशेषकर जब चंद्रमा या केतु उसमें हों.
Q2. सिंह राशि में त्रिग्रही योग का क्या अर्थ है?
सिंह राशि जो अग्नि तत्व की राशि है. इसमें मंगल, चंद्रमा और केतु का एकत्र होना नेतृत्व, मन और निर्णय पर गहन प्रभाव डालता है.
Q3. क्या यह योग किसी युद्ध या टकराव का संकेत देता है?
मेदिनी ज्योतिष अनुसार, यह योग सीमा विवाद, मानसिक युद्ध, सामरिक सख्ती या राजनीतिक बयानबाजी को जन्म दे सकता है.
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