Shani Vakri 2025: शनि इस महीने या अगले महीने कब चलेंगे उल्टी चाल? किन राशियों पर बरसेगी शनि देव की कृपा
Shani Vakri 2025: शनि ग्रह को नवग्रहों में सबसे अहम स्थान प्राप्त है. शनि साल में एक बार लंबे समय के लिए वक्री होते हैं. ऐसे में इस बार शनि कब चलेंगे उल्टी चाल और कब रहेंगे वक्री? जानिए इसके बारे में.

Shani Vakri 2025: शनि देव को न्याय और कर्म का देवता कहा जाता है. ऐसे में शनि ग्रह ने इसी साल 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि से मीन राशि में परिवर्तन किया था. शनि जब गोचर करते हैं तो इसका प्रभाव देश दुनिया में देखने को मिलता है. ऐसे में शनि देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और लगभग ढाई वर्ष तक इसी राशि में रहने वाले हैं. अब शनि वक्री यानी उल्टी चाल चलने जा रहे हैं. जानते हैं शनि देव कब वक्री होंगे?
शनि ग्रह का वक्री चाल चलना कुछ राशियों के लिए लाभकारी तो कुछ के लिए नुकसान साबित होता है. इस साल शनि जुलाई के महीने में वक्री होने जा रहे हैं. शनि देव करीब 139 दिनों तक वक्री चाल से गति करेंगे. शनि देव साल में एक बार लंबे समय के लिए वक्री चाल चलते हैं. इस दौरान शनि 13 जुलाई 2025 से 28 नवंबर 2025 तक यानी 138 दिनों के लिए वक्री होने जा रहे हैं.
शनि वक्री से किस राशि को मिलेगा लाभ?
शनि ग्रह का ज्योतिष में और नवग्रहों में विशेष स्थान है. न्याय और कर्म के प्रधान शनि अच्छे कर्म करने वाले को अच्छा फल प्रदान करते हैं तो वहीं खराब कर्म करने वालों को काफी दंडित भी करते हैं. शनि एकमात्र ऐसा ग्रह है, जो हमें हमारे कर्मों के हिसाब से फल देता है. ऐसे में शनि वक्री के दौरान कई काम बन सकते हैं. शनि वक्री तुला राशि के लिए वरदान से कम नहीं है.
तुला राशि के जातकों को शनि वक्री के दौरान काफी लाभ मिलने वाला है. कोई काम जो सालों से रुका हुआ है, इस अवधि में होता दिखाई दे रहा है. कोर्ट कचहरी के मामले में राहत मिल सकती है. पैतृक संपत्ति को लेकर चला आ रहा विवाद निपट सकता है. जीवनसाथी के साथ प्रेम बढ़ता चला जाएगा. नौकरीपेशा लोगों को काम में प्रमोशन मिल सकता है. शनि वक्री के दौरान कुछ भी गलत करने से बचें. शनिवार को शनि चालीसा का पाठ दो टाइम करें. ऐसा करने से शनि देव की कृपा होती है.
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