कुंडली में शनि के दसवें या ग्यारहवें भाव में होने से राजनीतिक जगत में लंबे समय तक तरक्की मिलती है। यह अनुशासन, जनता के बीच लोकप्रियता और जिम्मेदारियों को संभालने की क्षमता प्रदान करता है।
राजनीति में सफलता का रहस्य! ज्योतिष शास्त्र से जानें कुंडली के 4 योग जो बनाएंगे आपको लीडर?
Astrology: भारतीय राजनीति का हिस्सा अधिकतर लोग बनना चाहते हैं, लेकिन क्या उनका यह सपना समाज सेवा से पूरा होगा? ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, कुंडली के कौन से योग राजनीति में सफलता दिला सकते हैं.

Politics Astrology: राजनीति में आने की चाह अधिकतर लोग रखते हैं. समाज सेवा के जरिए वे दिन-रात मेहनत करते हैं, ताकि कोई मुकाम हासिल हो जाए. लेकिन हर व्यक्ति समाज सेवा के जरिए राजनेता नहीं बनता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राजनीति में सफलता पाने के लिए कुंडली में इसे जुड़े योग का होना जरूरी है. आज के इस लेख में जानेंगे कुंडली के कौन से योग राजनीति में सफलता दिलाने के लिए जिम्मेदार हैं.
हर कोई भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहता, कुछ लोग उस भीड़ को लीड करने की चाह रखते हैं. वैदिक ज्योतिष में कुछ ऐसे ग्रहों का मेल जिसका सीधा प्रभाव पॉलिटिकल करियर पर पड़ता है.
सूर्य - राजा (अधिकार, ताकत, आदर)
कुंडली में सूर्य 1,5,9,10,11वें घर में हैं, तो आप नेतृत्वकर्ता की भूमिका की ओर आकर्षित होंगे. कुंडली में मजबूत सूर्य आपको-
- सामाजिक सम्मान
- आत्मविश्वास
- अधिकार
- लोगों पर अधिकार जमाने का मौका देता है.
वहीं, कमजोर सूर्य डर, आत्मविश्वास और राजनीति में असफलता का कारण बन सकती है.
मंगल – कमांडर (स्ट्रेटेजी + हिम्मत)
कुंडली में मंगल तीसरे, छठें, दसवें और ग्यारहवें भाव में होता है, तो-
- कम्युनिकेशन में अच्छी पकड़
- विपक्ष से लड़ने की काबिलियत
- स्ट्रेटेजिक
- निर्णय लेने में मजबूती प्रदान करता है. सभी राजनेताओं को आग (जुनून) की जरूरत होती है, और मंगल इसे प्रदान करता है.
राहु - मास इन्फ्लुएंसर (भीड़ + लोकप्रियता)
कुंडली में राहु तीसरे, दसवें या ग्याराहवें भाव में हो तो-
- बढ़ती लोकप्रियता
- पब्लिक का भारी समर्थन
- मीडिया फेम
- कुंडली में राहु मजबूत होने से आकर्षण की शक्ति बढ़ती है.
शनि - प्रणाली (सरकार + ड्यूटी)
- शनि कुंडली में दसवें या ग्यारहवें भाव में होने से
- राजनीतिक जगत में लंबे समय तक तरक्की
- अनुशासन
- जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता
जिम्मेदारियों को संभालने की क्षमता प्राप्त होती है. हालांकि शनि की महादशा के दौरान सबसे अधिक स्थिरता राजनीतिक करियर में आती है.
कुंडली में पॉलिटिक्स के सबसे अच्छे योग
सूर्य + मंगल + राहु + शनि का संबंध व्यक्ति को
- लीडरशीप
- प्रभावशाली
- मैनेज करने में माहिर
- जनता के बीच लोकप्रियता
- लोगों का निरतंर समर्थन मिलना
एक जरूरी बात लीडरशिप योग का अर्थ केवल पॉलिटिशियन नहीं होता है. इसका संबंध-
- पब्लिक फिगर
- सोशलिस्ट
- एक्टिविस्ट
- सरकार को प्रभावित करने वाला व्यक्ति
- एडमिनिस्ट्रेटर (प्रशासक)
कुंडली में जब यह मजबूत योग 10वें और 11वें घर के साथ मिलता है, तो इसका मतलब पूरी तरह से पॉलिटिक्स योग है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Frequently Asked Questions
शनि ग्रह राजनीति में किस प्रकार का प्रभाव डालता है?
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