Office Astrology: काम तुम करते हो, क्रेडिट कोई और ले जाता है? ऑफिस पॉलिटिक्स में शनि और राहु का खेल, कैसे बचें और जीतें?
Office Astrology: ऑफिस पॉलिटिक्स में ईमानदार कर्मचारियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शनि और राहु के नजरिए से समझें कॉर्पोरेट माहौल के पीछे की सच्चाई.

Office Astrology: हर सुबह लाखों लोग फॉर्मस कपड़े पहनकर ऑफिस जाते हैं. यह सब बाहस से सामान्य दिखता है, कांच की बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, प्रोफेशनल माहौल, टीम वर्क लेकिन अंदर एक अलग ही लड़ाई चल रही होती है, एक ऐसी लड़ाई जिसे कोई देख नहीं पाता.
ऑफिस में कई कर्मचारी बिना गलती के निशाने पर आ जाते हैं, कुछ लोग कम काम करके भी आगे निकल जाते हैं, और कुछ ईमानदार लोग रोजाना मानसिक थकान लेकर घर लौटते हैं.
अगर आपने भी ऐसा कुछ महसूस किया है, तो यह आपकी कमजोरी नहीं है, यह ऑफिस पॉलिटिक्स है. ऑफिस केवल वर्कप्लेस नहीं, शनि का क्षेत्र है. ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक स्थान का एक ग्रह होता है.
शनि साढ़े साती के दौरान क्या होता है? यह आपकी किस्मत कैसे बदलती है?
मंदिर- गुरु (ज्ञान और धर्म)
युद्ध भूमि- मंगल (एक्शन और आक्रामकता)
क्रिएटिव स्पेस- शुक्र (आकर्षण और कला)
ऑफिस और कॉर्पोरेट सिस्टम- शनि (अनुशासन और स्ट्रक्चर)
शनि नियम, समय, जिम्मेदारी और मेहनत का प्रतीक है. इसलिए ऑफिस में डेडलाइन , रिपोर्टिंग और हायरार्की काफी जरूरी होती है. लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब शनि के इस क्षेत्र में राहु प्रवेश कर जाता है, जो ऑफिस पॉलिटिक्स की असली वजह है.
शनि व्यक्ति से क्या चाहते हैं?
- ईमानदारी
- निरंतर मेहनत
- धीमी लेकिन स्थिर ग्रोथ
राहु क्या चाहता है?
- शॉर्टकट
- इमेज और दिखावा
- बिना जिम्मेदारी के ताकत
ऑफिस में राहु ऐसे लोगों के रूप में दिखता है-
- जो कम करते हैं, लेकिन क्रेडिट ज्यादा लेते हैं.
- जो बॉस के सामने अलग और पीठ पीछे अलग व्यवहार करते हैं.
- जो आधा सच और इमोशनल स्टोरी से माहौल को कंट्रोल करते हैं.
- यही असली ऑफिस पॉलिटिक्स है, जहां सच नहीं, बल्कि नैरेटिव की जीत होती है.
ऑफिस में ईमानदार कर्मचारी ही क्यों टारगेट होता है?
ऑफिस की यह कड़वी सच्चाई है, लेकिन इसे आसान भाषा में समझों
- आपका काम दूसरों की कमजोरी को उजागर करता है.
- आपकी चुप्पी उनके शोर को बेनकाब करती है.
- आपका अनुशासन उनके शॉर्टकट को दिखाता है.
- राहु वाले लोग फेलियर से नहीं डरते, बल्कि उन्हें सच में देखे जाने का डर सताता है.
इसलिए आपको ज्यादा काम दिया जाता है.
- आपको ग्रुप से अलग किया जाता है.
- आपको ऑफिस में कम विजिबल या सख्त कहा जाता है.
- सबसे खतरनाक मोड़ तब आता है, जब आप बदलने लगते हैं.
एक समय ऐसा भी आता है, जब आपके अंदर दो आवाजें एक-साथ लड़ती हैं.
शनि- ईमानदार रहो, काम करते रहो
राहु- गेम खेलो, मैनिपुलेट करो
और यहीं लोग सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं. अगर आप राहु की तरह खेलना शुरू कर देते हैं, तो आप अपनी सबसे बड़ी ताकत खो देते हैं, आपकी विश्वसनीयता.
समाधान- केतु डिटैचमेंट की ताकत
केतु का मतलब हार मानना नहीं है, बल्कि तारीफ की जरूरत से स्वतंत्र होना, दूसरों की वैलिडेशन से दूरी, इमोशनल रिएक्शन को काबू में करना.
ऑफिस पॉलिटिक्स रिएक्शन पर चलती है. जिस दिन आप रिएक्ट करना बंद कर देते हैं, पॉलिटिक्स कमजोर पड़ जाती है.
दूसरा समाधान- गुरु समझदारी और सब्र
गुरु सिखाता है कि, कब बोलना है, कब चुप रहना है, कब रुकना है, कब आगे बढ़ना है. इसलिए साईं बाबा का संदेश “श्रद्धा और सबुरी” आज भी प्रासंगिक है. देरी हमेशा सजा नहीं होती है, बल्कि सुरक्षा होती है.
क्या ऑफिस पॉलिटिक्स आपको नुकसान पहुंचाने के लिए है?
ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि यह आपके ईगो का, सब्र का और आपके वैल्यूज की परीक्षा लेती है. अगर आप हर जगह वही समस्या झेल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि, आपने पैटर्न नहीं बदला.
कंपनी बदलने से कुछ नहीं होगा, एप्रोच बदलना पड़ेगा.
शनिवार का उपाय- नेगेटिविटी से बचाव का पारंपरिक तरीका
अगर आप आध्यात्मिक उपायों में आस्था रखते हैं, तो यह एक स्ट्रकचर्ड रूटीन है-
सुबह जल्दी उठें और शांति बनाए रखें.
शनिवार अनुशासन का दिन है, तो इस दिन “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें. सादा वस्त्र धारण करें. मंदिर जाएं और नारियल अर्पित करें. नारियल अहंकार का प्रतीक है, इसे तोड़ना समर्पण है.
पीपल के पेड़ की 7 परिक्रमा करें. शांति और सुरक्षा की प्रार्थना करें. कुछ समय ध्यान करने से मन शांत होगा तो फैसले सही लेंगे. जरूरतमंदों को भोजन या शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए.
देखों राहु ऑफिस में जितनी तेजी से ऊपर ले जाता है, उतनी ही तेजी से नीचे गिरा भी देता है. जबकि शनि धीरे-धीरे बढ़ाता है, लेकिन स्थायी सम्मान भी प्रदान करता है.
अगर आप भी ऑफिस में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप हार रहे हैं, बल्कि आप बन रहे हैं. इसलिए ऑफिस में रिएक्ट करना बंद कर दीजिए. अपना काम निरंतर जारी रखें और सबसे महत्वपूर्ण अपनी वैल्यूज मत छोड़े, क्योंकि आखिर में सिस्टम में नहीं कैरक्टर की जीत होती है.
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