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Mangal Shani Yuti: शनि-मंगल का अशुभ योग, राजनीति, महंगाई, जनविद्रोह और आंदोलनों से हिल सकती है दुनिया!

Mangal Shani Yuti: 2 अप्रैल को मंगल गोचर के बाद शनि-मंगल की युति से अशुभ योग बना है, जिससे देश-दुनिया में बड़ी घटनाएं घट सकती है. देश में भी राजनीतिक उठा पटक, महंगाई, बेरोजगारी व स्कैंडल के संकेत हैं.

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  • मीन राशि में मंगल-शनि की युति, 11 मई तक रहेगी सक्रिय.
  • 4 ग्रहों की युति से हो सकती हैं अप्रिय घटनाएं, युद्ध तेज.
  • 1996 में भी 4 ग्रहों की युति से हुईं थीं कई आपदाएं.
  • महंगाई, बेरोजगारी, आंदोलन के साथ प्राकृतिक आपदाओं की संभावना.

Mangal Shani Yuti: मीन राशि में मंगल के साथ शनि की युति 2 अप्रैल से 11 मई तक रहेगी. शनि और मंगल को उग्र ग्रह माना गया है. अप्रैल के महीने में करीब 30 साल बाद एक साथ 4 ग्रहों की युति मीन राशि में बनने जा रही है. 2 अप्रैल को मीन राशि में मंगल प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद 3 उग्र ग्रह सूर्य, मंगल और शनि एक साथ मीन राशि में गोचर करेंगे. इनके साथ बुध भी यहां मौजूद रहेंगे.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, मंगल गोचर मीन राशि में 2 अप्रैल को प्रवेश कर चुके हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार 18 महीने बाद गुरु की राशि मीन में मंगल प्रवेश कर चुके हैं. जहां सूर्य, शनि और शुक्र पहले से ही विराजमान हैं. ऐसे में मंगल के गोचर से शनि मंगल योग भी बनेगा. मंगल और शनि दोनों को पाप ग्रह माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में दोनों क्रूर ग्रहों की युति को प्रतिकूल प्रभाव देना वाला माना जाता है. इन दोनों ग्रहों की युति से देश दुनिया में अप्रिय घटनाएं घटने की संभावना है. वर्तमान समय में कई देशों में चल रही युद्ध की स्थिति और तेज हो सकती है.

युद्ध के कारक ग्रह मंगल एक राशि में 45 दिनों तक गोचर करते हैं. 17 फरवरी को कुंभ राशि में पड़े सूर्य ग्रहण के बाद जब मंगल ने 23 फरवरी को इस राशि में प्रवेश किया उसके बाद से वैश्विक राजनीति तेज़ी से बदली. मंगल के ग्रहण की राशि कुंभ में राहु और सूर्य से युति के तुरंत बाद 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया और उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित 40 बड़े सैन्य अधिकारियों और नेताओं को मार डाला. अपने ऊपर थोपे गए इस युद्ध का जवाब ईरान ने भी बड़ी प्रतिबद्धता के साथ दिया और अमेरिका-इजराइल सहित उसके खाड़ी देशों के सहयोगियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया. अभी हाल ही में 29 मार्च को अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और ईरान युद्ध के विरोध में कई शहरों में बड़े जनांदोलन हुए.

जब भी शनि का मंगल से संयोग होता है तो देश और दुनिया में जनविद्रोह, आंदोलन और युद्ध जैसे हालात बन जाते हैं. शनि और मंगल की इस युति को 'द्वंद्व योग' कहा जाता है. शनि अनुशासन और न्याय के देवता हैं, जबकि मंगल अग्नि और साहस के. मीन राशि (जल तत्व) में इनका मिलन मानसिक अशांति और वैचारिक मतभेद पैदा कर सकता है. मीन राशि समुद्र और जल का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस समय के दौरान समुद्री तूफान या जल से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है.

14 अप्रैल तक मीन राशि में मंगल शनि और सूर्य की युति

मंगल 2 अप्रैल से 2026 से 11 मई 2026 तक मीन राशि में रहेंगे. यानी 11 मई तक मंगल व शनि की युति सक्रिय रहेगी. वहीं सूर्य 14 अप्रैल तक मीन राशि में रहेंगे और उसके बाद मेष राशि में गोचर कर जाएंगे. लिहाजा मंगल-शनि की युति सूर्य के साथ 14 अप्रैल तक रहेगी. अग्नि तत्व वाले मंगल ग्रह युद्ध और हिंसा के कारक हैं. राजनीति, न्याय के कारक उग्र ग्रह शनि के साथ मीन राशि में युति कर रहे हैं. इतना ही नहीं वहां अग्नि तत्व वाले सूर्य ग्रह भी मौजूद हैं. ऐसे में मंगल-शनि और सूर्य का साथ भयावह साबित हो सकता है.

साल 1996 में भी मीन राशि में बनी थी 4 उग्र ग्रह की युति

अप्रैल के महीने में करीब 30 साल बाद एक साथ 4 ग्रहों की युति मीन राशि में बनने जा रही है. 2 अप्रैल को मीन राशि में मंगल प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद 3 उग्र ग्रह सूर्य, मंगल और शनि एक साथ मीन राशि में गोचर करेंगे. इनके साथ बुध भी यहां मौजूद रहेंगे. साल 1996 में भी शनि मंगल, सूर्य और बुध की युति मीन राशि में बनी थी. साल 1996 में जब ग्रहों की ऐसी युति हुई थी उस समय कई आपदाएं और दुर्घटनाएं घटित हुई थी. इस समय न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास विमान में विस्फोट हो गया था. उस विमान दुर्घटना में करीब 230 लोगों की जान गई थी. इसके अलावा साओ पाउलो के शॉपिंग सेंटर पर विस्फोट होने से करीब 44 लोग की जान चली गई थी और भी कई ऐसी घटनाएं उस वर्ष घटित हुई थी.

11 मई तक शनि मंगल की युति से होगी बड़ी घटनाएं

मेदिनी ज्योतिष के ग्रंथ भविष्यफल भास्कर और वर्ष प्रबोध के अनुसार मंगल की पाप ग्रह शनि से युति महंगाई बढ़ाने वाली होती है. ऐसा में हम वर्ष 2022 में भी देख चुके हैं जब मंगल और शनि की युति पहले फरवरी मार्च में मकर राशि में हुई उसके बाद अप्रैल में कुंभ राशि में दोनों ग्रहों की युति हुई जिसके चलते उस समय रूस-यूक्रैन के युद्ध के कारण दुनियाभर में आनाज, धातुओं आदि की कीमतों में तेजी आने से महंगाई बढ़ गयी थी. इस वर्ष मंगल की युति पहले पाप ग्रह राहु से फरवरी मार्च में हुई और अब शनि से मंगल की युति अप्रैल मई में रहेगी.

भारत में महंगाई बेरोजगारी और स्कैंडल से होगा आंदोलन

आजाद भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) वृषभ लग्न की है जिसमें मंगल में राहु में गुरु की कठिन विंशोत्तरी दशा 4 अप्रैल से 25 मई तक चलेगी. मंगल धन स्थान में अपनी शत्रु राशि मिथुन में बैठे हैं और राहु लग्न में विरजमान हैं. अब अष्टम (स्कैंडल) और एकादश (लाभ) स्थान के स्वामी गुरु का प्रत्यंतर 4 अप्रैल से 25 मई तक भारत में राजनीतिक उठा-पठक, स्कैंडल, महंगाई, बेरोजगारी बढ़ने से केंद्र सरकार को बड़ी समस्या दे सकता है.

मंगल शनि की युति का प्रभाव

अमेरिका की स्थापना कुंडली (4 जुलाई 1976, सुबह 10 बजकर 20 मिनट, फिलेडेल्फिया), जिसमें सिंह लग्न उदय हो रहा है, के अष्टम भाव में होगा. राहु में शनि में राहु की अशुभ विंशोत्तरी दशा अमेरिका की स्थापना कुंडली में 12 मई तक चल रही है, जिससे पहले अमेरिका अपनी सेना ईरान के प्रभाव वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाले कुछ द्वीपों पर उतार सकता है जिसके कारण युद्ध के तेज होने की आशंका बन रही है. 1 जून को गोचर में गुरु के आने से पहले इस युद्ध के पूरी तरह रुकने की संभावना बेहद कम है.

अन्य देश भी युद्ध में हो सकते हैं शामिल

खाड़ी देशों में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात, जिसका प्रमुख शहर दुबई है, को ईरान के बड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों से काफी नुकसान हुआ है. संयुक्त अरब अमीरात का ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाले कुछ द्वीपों पर कब्ज़े को लेकर बड़ा विवाद रहा है. संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना कुंडली (2 दिसंबर 1971 दोपहर, 12 बजे दुबई)कुंभ लग्न की है. कुंभ लग्न की इस कुंडली में लग्न में मंगल, चतुर्थ (राष्ट्रीय सम्पति) में शनि और चन्द्रमा, और दशम (राज सत्ता) में सूर्य और गुरु विराजमान हैं जो की परस्पर केंद्र में होने से एक बड़ा 'कारक योग' बना कर संयुक्त अरब अमीरात को खाड़ी देशों में बड़ा समृद्ध राष्ट्र बनाते हैं. शनि में शुक्र में राहु की कठिन दशा संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना कुंडली में 8 अप्रैल से शुरू होगी. राहु हानि के द्वादश भाव में होकर संयुक्त अरब अमीरात को युद्ध में कुछ बड़ा नुकसान होता दिखा रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात में लाखों की संख्या में रह रहे भारतीय इस युद्ध के बढ़ने से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं.

देश-दुनिया में बड़े बदलाव

वाहन दुर्घटनाएं प्राकृतिक आपदाएं मंदी माहमारी युद्ध होने की संभावना है. रियल स्टेट के कारोबार में वृद्धि होगी. विदेशों में राजनीतिक उठापटक सत्ता परिवर्तन इत्यादि होने की संभावना. भारत और विदेशों में नया कानून लागू होने की संभावना. पुलिस सेना कानून में बगावत या गलत निर्णय को लेकर विवाद. भारतीय बाजारों में अचानक तेजी आएगी और व्यापार बढ़ेगा. अचानक किसी वस्तु के दाम बढ़ेंगे और बाजार से वह वस्तु गायब होगी. प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना. पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा. पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा. दुर्घटना होने की आशंका है. भूकंप या अन्य तरह से प्राकृतिक आपदा आने की भी आशंका है. किसी भी विषय पर बड़ा आंदोलन होने की संभावना. होटल रेस्टोरेंट वालों के लिए बहुत ही अच्छा समय होगा. सांस्कृतिक रूप से कोई कोई विवाद या उत्तल पुथल होने की संभावना.

करें पूजा-पाठ और दान

मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए. लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए. तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए. लाल कपड़ों का दान करें. मसूर की दाल का दान करें. शहद खाकर घर से निकलें. हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें. हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें. मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं.

ये भी पढ़ें: Mangal Gochar 2026: मंगल का मीन राशि में गोचर, शनि के साथ युति बढ़ाएगी वैश्विक हलचल, जानें राशियों पर असर
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पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक 'डॉक्टर अनीष व्यास' देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य हैं. पाल बालाजी के भक्त के रूप में इन्हें जाना जाता है. वैदिक ज्योतिष पर इनका कार्य सराहनीय है. इनकी भविष्यवाणियां काफी सटीक होती हैं. इनके लेख विभिन्न मंचों पर प्रकाशित होते रहते हैं, इन्हें भविष्यफल और दैनिक राशिफल बताने में महारत प्राप्त है. इन्हें हस्तरेखा और वास्तु विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है. देश के अलावा विदेशों में भी उनके काफी संख्या में फॉलोअर्स है. सोशल मीडिया पर भी यह एक्टिव रहते हैं.  इनकी अब तक 497 से अधिक भविष्यवाणियां सच साबित हो चुकी हैं.डॉक्टर अनीष व्यास को बचपन से ही कर्मकांड और ज्योतिष की शिक्षा-दीक्षा विरासत में प्राप्त हुई. एम.ए. पत्रकारिता में गोल्ड मेडल प्राप्त कर पीएचडी की उपाधि हासिल कर चुके हैं. डॉ. अनीष व्यास के ज्योतिष विषय पर आधारित लेख देश के प्रमुख समाचार पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं. इसके साथ ही विभिन्न न्यूज चैनल में लाईव शो में प्रतिभाग करते रहते हैं.
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Frequently Asked Questions

मीन राशि में मंगल और शनि की युति कब से कब तक रहेगी?

मीन राशि में मंगल और शनि की युति 2 अप्रैल से 11 मई तक रहेगी। यह युति 11 मई तक सक्रिय रहेगी।

मंगल और शनि की युति को क्या कहा जाता है और इसका क्या प्रभाव हो सकता है?

मंगल और शनि की युति को 'द्वंद्व योग' कहा जाता है। इस युति से देश-दुनिया में जनविद्रोह, आंदोलन और युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।

क्या मंगल-शनि की युति महंगाई बढ़ा सकती है?

मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, मंगल की शनि से युति महंगाई बढ़ाने वाली होती है। 2022 में भी ऐसी युति के कारण महंगाई बढ़ी थी।

मंगल-शनि की युति के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

अशुभ प्रभाव से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा, लाल चंदन का तिलक, तांबे के बर्तन में गेहूं, लाल कपड़े या मसूर दाल का दान करना चाहिए।

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