Numerology: सूर्य से शनि तक जुड़ी हैं ये संख्याएं, जानिए अंकशास्त्र में 0 से 9 का मतलब?
Numerology: अंकशास्त्र में केवल संख्या की गणना ही नहीं की जाती है, बल्कि प्रत्येक अंक में एक खास तरह की ऊर्जा छिपी होती है, जो व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन के फैसलों को प्रभावित करती है.

Numerology: अंक केवल गिनती के लिए नहीं होते, बल्कि अंकशास्त्र में प्रत्येक अंक के अंदर एक खास तरह की ऊर्जा छिपी होती है, जो इंसान के स्वभाव, सोच और जीवन के निर्णयों को प्रभावित कर सकती है.
0 से 9 तक हर अंक किसी न किसी ग्रह, प्रकृति या जीवन के सिद्धांत से जुड़ा माना जाता है.
Numerology: 0 से 9 तक के अंकों का ग्रहों से क्या कनेक्शन है? जानिए इसकी उत्पत्ति का रहस्य?
सरल भाषा में समझते हैं कि इन अंकों का क्या मतलब होता है?
शून्य (0) अनंत का संकेत
शून्य को अनंत शक्ति का प्रतीक माना जाता है. यह दर्शाता है कि, ब्रह्मांड की शुरुआत और अंत एक ही बिंदु से जुड़ा है. सौर मंडल, आकाशगंगा और पूरी सृष्टि इसी अनंत ऊर्जा का हिस्सा मानी जाती है. इसलिए अंकशास्त्र में शून्य को काफी खास माना जाता है.
अंक (1) आत्मविश्वास और नेतृत्व
अंक 1 को शुरुआत और नेतृत्व का अंक कहा जाता है. जिन लोगों पर इस अंक का असर होता है, उनमें आत्मविश्वास अधिक होता है. ये लोग खुद फैसले लेना पसंद करते हैं और दूसरों से अलग पहचाना बनाना चाहते हैं. अंकशास्त्र में इसे सूर्य से जोड़ा जाता है.
अंक 2 भावनाएं और संतुलन
अंक 2 जीवन के दो पहलुओं को दर्शाता है, जैसे खुशी-गम, हार-जीत या दिन-रात. यह अंक भावनाओं, संवेदनशीलता और रिश्तों में संतुलन से जुड़ा माना जाता है. इसका संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जो मन और भावनाओं का कारक है.
अंक 3 रचनात्मकता और विस्तार
अंक 3 को सृजन और विकास का अंक कहा जाता है. यह ज्ञान, कल्पना और नई चीजों को बनाने की क्षमता से जुड़ा होता है. परिवार में माता-पिता और बच्चे का रिश्ता भी तीन से जुड़ा होता है. अंकशास्त्र में इसका संबंध गुरु ग्रह से माना जाता है.
अंक 4 मेहनत और स्थिरता
अंक 4 जमीन से जुड़े लोगों का अंक माना जाता है. यह मेहनत, अनुशासन और योजना बनाकर काम करने की क्षमता प्रदान करता है. ऐसे लोग धीरे-धीरे लेकिन मजबूत तरीके से सफलता की ओर बढ़ते हैं.
अंक 5: बुद्धि और समझदारी
अंक 5 को तेज दिमाग और समझदारी का अंक माना जाता है. यह लोगों को सोचने, फैसले लेने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता प्रदान करता है. इसका संबंध बुध ग्रह से माना जाता है.
अंक 6: प्रेम और रिश्ते
अंक 6 प्यार, परिवार और रिश्तों का अंक माना जाता है. यह आपसी समझ, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है. सौंदर्य, कला और आरामदायक जीवन से इस अंक का संबंध माना जाता है.
अंक 7: रहस्य और आध्यात्मिकता
अंक 7 को रहस्यमयी और आध्यात्मिकता से जुड़ा अंक माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन के गहरे सवालों के बारे में सोचने और आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करता है. सात दिन, सात सुर और सात रंग भी इसी अंक की खासियम माने जाते हैं.
अंक 8 कर्म और संघर्ष से जुड़ी संख्या
अंक 8 को कर्म और मेहनत का अंक भी कहा जाता है. इस अंक का प्रभाव जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है, लेकिन यह व्यक्ति को मजबूती प्रदान करता है. इसका संबंध शनि ग्रह से होता है.
अंक 9: ऊर्जा और साहस
अंक 9 को ताकत और हिम्मत का अंक माना जाता है. यह लोगों में जोश, ताकत और दूसरों की सहायता करने की भावना प्रदान करता है. अंकशास्त्र में इसे मंगल ग्रह से जुड़ा अंक माना जाता है.
कुल मिलाकर अंकशास्त्र 0 से 9 तक के प्रत्येक अंक अपने अंदर एक अलग तरह की ऊर्जा और संदेश को छिपाए हुए है. इन अंकों को समझकर व्यक्ति अपने स्वभाव और जीवन से जुड़े कई पहलुओं को बेहतर तरीके से समझ सकता है.
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