एक्सप्लोरर

Matsya Puran: सृष्टि की रचना कैसे हुई? मत्स्य पुराण में छिपा है इस प्रश्न का उत्तर

Matsya Puran: भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के सभी अवतारों में सबसे पहला अवतार मत्स्य अवतार (Matsya Avatar) है. इसमें भगवान विष्णु ने मछली का रूप धारण कर दैत्य पुत्र से पुन: वेदों को प्राप्त किया था.

Matsya Puran in Hindi: सनातन हिंदू धर्म में पुराणों का महत्वपूर्ण स्थान होता है. इनके जरिए ईश्वर के स्वरूप, उनकी लीलाओं और जीवन के सिद्धांतों का वर्णन मिलता है. हिंदू धर्म में कुल 18 महापुराण है, जिसका संकलन महर्षि वेद व्यास द्वारा किया गया है. सभी 18 महापुराण त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश पर आधारित है जोकि त्रिदेवों में प्रत्येक को 6-6 पुराण समर्पित है.

बात करें मत्स्य पुराण (Matsya Puran) की तो इसका संबंध भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के मत्स्य अवतार (Matsya Avatar)  से है. मान्यता है कि इस पुराण को सुनने या पढ़ने से भगवान विष्णु की कृपा से कीर्ति और आयु में वृद्धि होती और व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं. मत्स्य पुराण में 14 हजार श्लोक और 291 अध्याय है. संसार से बुराई को खत्म करने के लिए भगवान विष्णु ने कई अवतार लिए, जिसमें मत्स्य अवतार भी एक है. इस अवतार को भगवान विष्णु का पहला अवतार माना जाता है. जानते हैं मत्स्य पुराण की कथा और इससे जुड़े महत्व के बारे में.

मत्स्य पुराण की कथा (Matsya Puran ki Katha)

एक बार मनु महाराज कृत माला नदी में स्नान करने गए. वे संध्यावंदन करते हुए सूर्य को अर्घ्य दे रहे थे तभी उनके हाथ में एक छोटी सी मछली आ गई. वो जैसे ही मछली को वापस नदी में छोड़ने जा रहे थे तभी मछली ने कहा,  महाराज मुझे यहां मत छोड़िए. यहां बड़े-बड़े जीव-जन्तु हैं जो मुझे खा जायेंगे. तब मनु महाराज ने मछली को कमण्डल में रख लिया और महल ले आए.

रातभर में मछली का आकार इतना अधिक बढ़ गया कि कमण्डल में रहने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा. इसके बाद मनु महाराज ने मछली को एक बड़े से घड़े से रखा. लेकिन अगले दिन मछली का आकार और बढ़ गया और घड़ा में भी स्थान कम पड़ने लगा. तब महाराज ने उसे तालाब में छोड़ दिया. लेकिन मछली इतनी बड़ी हो गई कि तालाब भी कम पड़ गया. अंत में मनु महाराज ने मछली को गंगा जी में छोड़ दिया, जिससे वह समुद्र में चली गयी. समुद्र में भी मछली का आकार निरंतर बढ़ रहा था.

आखिरकार मनु महाराज ने कहा, प्रभु मत्स्य रूप में हमें मोहित करने वाले आप कोई साधारण शक्ति तो नहीं हो सकते. आप तो सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी भगवान विष्णु ही हैं. आपने मत्स्य का यह रूप क्यों धारण किया बताने की कृपा करें प्रभु.

इस कारण भगवान विष्णु ने लिया मत्स्य रूप

तब मत्स्य रूपी भगवान विष्णु ने कहा, हे राजन! प्रलय का समय नजदीक है और शीध्र ही पूरी पृथ्वी जलमग्न होने वाली है. आप एक सुदृढ़ नौका बनाकर उसमें रस्सी बनाकर सवार हो जाएं और सप्तऋषियों के साथ में बीज, भूत, औषधि आदि को लेकर मेरी प्रतीक्षा करें. उस महाप्रलय में मैं ही आपके प्राणों की रक्षा करूंगा. तब उस प्रलय काल में मेरे सींग में अपनी नौका को बांधकर आप सुरक्षित ले जाना और सृष्टि की रचना करना.  मनु महाराज ने कहा- भगवन! यह प्रलय कब आएगा और मैं सभी जीवों की रक्षा कैसे कर सकूंगा?

मत्स्य के रूप में भगवान विष्णु ने कहा– आज से लेकर सौ वर्ष पृथ्वी पर वर्षा नहीं होगी. जिस कारण भयंकर अकाल आएगा और इस तपे हुए अंगार की वर्षा करने वाली सूर्य की सात किरणें जीवों का संहार करने में ग्रहण हो जाएंगी. पाताललोक से ऊपर उठकर संकर्षण के मुख से निकली हुई विषाग्नि और भगवान शिव के तीसरे नेत्र से निकली अग्नि भी तीनों लोकों को भस्म करती हुई भभक उठेगी. इस तरह सारी पृथ्वी जलकर राख का ढेर बन जाएगी

तब संवर्त, भीमनाद, द्रोण, चंड बलाहक, विद्युत्पताक और शौण जैसे सात प्रलयकारक मेघ हैं ये सभी अग्नि के द्रव से उत्पन्न हुए जल की घोर बारिश करके पृथ्वी को डुबा देंगे. उस समय तुम इस वेदरूपी नौका मे सवार होकर समस्त जीवों, बीजों और औषधियों को लाद देना और मेरे द्वारा प्रदान की गई रस्सी से इस नाव को मेरे सींग में बांध देना. इस समय सारा देव-समूह जलकर भस्म हो जायेगा. लेकिन मेरे प्रभाव के कारण तुम सुरक्षित रह जाओगे. इस प्रलय में तुम्हारे साथ इस नौका में मैं, सोम, सूर्य, चारों लोकों सहित ब्रह्मा, पुण्यतोया नर्मदा नदी, महर्षि मार्कडेय, शंकर, चारों वेद, पुराण और विश्व ये ही बचेंगे.

भगवान, मनु महाराज से कहते हैं- इस प्रलयकाल में जब इस तरह से सारी पृथ्वी डूब जाएगी तब तुम्हारे द्वारा ही फिर से सृष्टि का प्रारंभ होगा और मैं वेदों का प्रवर्तन करूंगा. यह कहकर भगवान विष्णु मत्स्य रूप में वहीं अन्तर्धान हो गए.

जब आया प्रलय का समय

इसके बाद भगवान के कहेनुसार बड़ी सी नौका तैयार की और इसमें बीजों तथा औषधियों को स्थापित किया गया. सप्तऋषियों की सहायता से उसे महासागर ले जाया गया. सृष्टि में प्रलय प्रारंभ हो चुका था और धीरे-धीरे चारों ओर जल ही जल हो गया. मनु महाराज भगवान के मत्स्य रूप का ध्यान करने लगे और भगवान विष्णु मत्स्य रूप धारण कर प्रकट हो गए. उनके मस्तक पर दो सींग थे. राजा ने सींग में रस्सी के द्वारा नौका बांधी. मत्स्य रूप में भगवान विष्णु ने प्रलय के समय नौका को ढोते हुए मुन महाराज की रक्षा की और उसी समय राजा सत्यव्रत और सप्तऋषियों को धर्मकथा सुनाई. यही धर्म मत्स्य पुराण के नाम से जानी जाती है.

ऐसे हुई फिर से सृष्टि की रचना 

प्रलय के अंत होने के समय भगवान ने हयग्रीव असुर को वध कर उससे वेद पुन: वापस लिए और ब्रह्माजी को सौंप दिया. इस तरह धीरे-धीरे जल का प्रवाह कम होने लगा और पृथ्वी दिखने लगी. राजा सत्यव्रत ने जो बीज, औषधि रखे थे उससे पूरा संसार भर गया. इसके बाद ब्रह्मा जी ने मानसी सृष्टि की रचना की. लेकिन उस सृष्टि का कोई परिणाम न देखकर दक्ष प्रजापति मैथुनी-सृष्टि से संसार का विकास करते हैं. यही राजा सत्यव्रत सातवें वैवश्वत मनु हुए, जिनका समय आज भी चल रहा है और हम सभी मनु की संतान हैं.

ये भी पढ़ें: Garuda Purana: व्यर्थ के समान है ऐसा धन, गरुड़ पुराण से जानें रुपये-पैसे से जुड़ी कौन सी गलतियां पड़ सकती है भारी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Healthy Protein Breakfast: घर पर ये दो चीजें मिलाकर बनाएं दुनिया का सबसे स्वादिष्ट चीला, यहां देखें रेसिपी
घर पर ये दो चीजें मिलाकर बनाएं दुनिया का सबसे स्वादिष्ट चीला, यहां देखें रेसिपी
Vastu Tips: घर के मंदिर में रोज कितने दीपक जलाने चाहिए? जानें सही नियम
Vastu Tips: घर के मंदिर में रोज कितने दीपक जलाने चाहिए? जानें सही नियम
सूर्य ग्रहण खत्म होते ही क्यों किया जाता है स्नान? जानें कारण
सूर्य ग्रहण खत्म होते ही क्यों किया जाता है स्नान? जानें कारण
सूर्य ग्रहण के बाद बदलेंगे ग्रहों के समीकरण! इन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
सूर्य ग्रहण के बाद बदलेंगे ग्रहों के समीकरण! इन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

वीडियोज

Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?
New Maruti Brezza 2026 Price Revealed | ₹7.40 Lakh से शुरू | #maruti #brezza #autolive
Avore EX2S Review: 260KM Range वाली Electric Bike! Worth Buying? #avore #bikelaunch #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी
लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी
बिहार: आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्ती, सम्राट कैबिनेट से 24 एजेंडे पास
बिहार: आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्ती, सम्राट कैबिनेट से 24 एजेंडे पास
गोली चलाने का आदेश कौन देता है- लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने बताया कानून
गोली चलाने का आदेश कौन देता है- लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने बताया कानून
'मैं सही समय...', सदन में भाषण पूरा न होने पर राहुल का रिएक्शन
'मैं सही समय...', सदन में भाषण पूरा न होने पर राहुल का रिएक्शन
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
Embed widget