कालसर्प योग 11 मई से 26 मई 2026 तक बनेगा, जब सभी सात मुख्य ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाएंगे।
Kalsarp Yog May 2026: कालसर्प योग का साया, वृषभ और कुंभ समेत इन 2 राशियों को करियर में रहना होगा बेहद अलर्ट!
Kalsarp Yog: 11 मई 2026 से कालसर्प योग का साया! वृषभ, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए खतरे की घंटी. राहु-केतु के बीच फंसेंगे सभी ग्रह, करियर और धन के मामले में रहना होगा बेहद सावधान. जानें उपाय.

- मई 2026 में राहु-केतु के बीच ग्रह आने से कालसर्प योग बनेगा।
- यह योग 11 से 26 मई तक रहेगा, भाग्य बदलेगा या खतरा लाएगा।
- वृषभ, कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
- शिव पूजा, जलाभिषेक, दान और धैर्य से योग के प्रभाव कम करें।
Kalsarp Yog May 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति हमारे जीवन की दिशा तय करती है. मई 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से काफी उथल-पुथल भरा रहने वाला है. 11 मई से अंतरिक्ष में एक ऐसी दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण खगोलीय स्थिति बन रही है, जिसे कालसर्प योग कहा जाता है.
ज्योतिष गणना के अनुसार, 11 मई से 26 मई के बीच बनने वाला यह योग कई राशियों के लिए भाग्य बदलने वाला होगा, तो वहीं 4 राशियों के लिए यह 'खतरे की घंटी' साबित हो सकता है.
आइए जानते हैं क्या है कालसर्प योग और किन जातकों को इस दौरान फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है.
कैसे बनता है कालसर्प योग?
ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार, जब कुंडली या गोचर में सभी सात मुख्य ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि) राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं, तो कालसर्प योग का निर्माण होता है. राहु को सर्प का मुख और केतु को उसकी पूंछ माना जाता है.
इस बार मई में केतु सिंह राशि में और राहु कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे. 15 दिनों की इस अवधि में बाकी सभी ग्रह इन्हीं के बीच आ जाएंगे, जिससे जीवन में अचानक बदलाव, मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.

इन 4 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा अलर्ट
1. वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों के लिए कालसर्प योग आर्थिक चुनौतियां लेकर आ सकता है.
- करियर: ऑफिस में काम का बोझ और तनाव बढ़ सकता है.
- सावधानी: निवेश से बचें, धन हानि के प्रबल संकेत हैं. कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद से दूर रहें.
कर्क राशि (Cancer)
भावुक स्वभाव वाले कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक रूप से कठिन हो सकता है.
- रिश्ते: परिवार और पार्टनर के साथ गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.
- सावधानी: किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें. बड़े आर्थिक फैसले फिलहाल टाल देना ही बेहतर है.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय करियर की अग्निपरीक्षा जैसा होगा.
- बिजनेस: पार्टनरशिप में अनबन हो सकती है, जिससे काम रुक सकता है.
- सावधानी: कार्यक्षेत्र में छिपे हुए शत्रुओं (गुप्त शत्रुओं) से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को साझा न करें.
कुंभ राशि (Aquarius)
चूंकि राहु वर्तमान में कुंभ राशि में ही स्थित है, इसलिए इसका सबसे सीधा और गहरा प्रभाव इसी राशि पर पड़ेगा.
- स्वास्थ्य: मानसिक बेचैनी और अनिद्रा की समस्या हो सकती है.
- सावधानी: नौकरी में बॉस के साथ मतभेद हो सकते हैं. अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं.
कालसर्प योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
अगर आपकी राशि इन 4 में से एक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिष शास्त्र में इसके प्रभाव को कम करने के कारगर उपाय बताए गए हैं:
- शिव उपासना: भगवान शिव की पूजा करें और प्रतिदिन 'ॐ नमः शिवाय' या 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप करें.
- जलाभिषेक: सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें.
- दान पुण्य: शनिवार को काले तिल, कोयला या नीले वस्त्र का दान करें.
- नाग देवता: नाग पंचमी के मंत्रों का जाप करें या नाग देवता की चांदी की आकृति की पूजा करें.
- धैर्य रखें: इस अवधि में क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें.
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Frequently Asked Questions
कालसर्प योग कब बन रहा है?
कालसर्प योग कैसे बनता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली या गोचर में सभी सात मुख्य ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं, तो कालसर्प योग का निर्माण होता है।
किन राशियों पर कालसर्प योग का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा?
वृषभ, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कालसर्प योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय हैं?
भगवान शिव की उपासना, जलाभिषेक, दान-पुण्य और नाग देवता की पूजा जैसे उपाय कालसर्प योग के प्रभाव को कम कर सकते हैं।


















