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CM रेखा गुप्ता को कहां मिल सकती है चुनौती, दिल्ली की सरकार कितनी मजबूत? ग्रहों के खेल से समझें

दिल्ली की नई सरकार कितनी मजबूत है, क्या इसे हिला पाना विपक्षियों के लिए वाकई में मुश्किल होगा? इन सभी प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए ग्रहों की चाल को समझते हैं.

रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी. आज दिल्ली में नई सरकार का गठन हो गया. 26 साल का भाजपा का वनवास समाप्त हुआ. भारतीय जनता पार्टी बीते 26 सालों से दिल्ली की सत्ता से बाहर थी. लेकिन अब बीजेपी ने दिल्ली में वापिसी कर ली है ऐसे में लोगों के प्रश्न हैं, जो इस प्रकार हैं- 

  1. क्या दिल्ली की सरकार मजबूत है?
  2. इस सरकार को क्या कोई हिला सकता है?
  3. इसका कार्यकाल कैसा रहेगा?
  4. दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर ये सरकार कितना खरा उतर पाएगी
  5. सीएम के तौर पर रेखा गुप्ता का कार्यकाल कैसा रहने वाला है?

ज्योतिष के माध्यम से इन प्रश्नों का उत्तर जानने की कोशिश करते हैं. 20 फरवरी 2025 को दोपहर 12:24 मिनट पर रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री की शपथ लेती हैं. इस समय की कुंडली में इन सभी प्रश्नों के उत्तर भी छिपे हैं, बारी-बारी से इन प्रश्नों के उत्तर जानने की कोशिश करते हैं-

दिल्ली की सराकर को कमजोर समझने की भूल न करें!
दिल्ली की सरकार ने वृषभ लग्न में शपथ ली है, ज्योतिष के मुताबिक ये एक स्थिर लग्न है. शपथ ग्रहण के समय यहां देव गुरु बृहस्पति विराजमान थे. जो इस सरकार को बेहद मजबूत बना रहे हैं.ज्योतिष ग्रंथ ये बताते हैं कि जब कोई सरकार या मुख्यमंत्री स्थिर लग्न में शपथ लेता है तो वो मजबूत होती है और अपने कार्यकाल को पूरा करती है.


CM रेखा गुप्ता को कहां मिल सकती है चुनौती, दिल्ली की सरकार कितनी मजबूत? ग्रहों के खेल से समझें

विपक्ष की कोशिशों को लग सकता है झटका
शपथ ग्रहण के समय ग्रहों की स्थिति दिल्ली की नई सरकार के प्रभावशाली ढंग से कार्य करने को लिए प्रेरित कर रही है.कुंडली के दशम भाव में तीन ग्रहों की युति ये इशारा कर रही है कि मुख्यमंत्री के रुप में रेखा गुप्ता विपक्षियों की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगी. दशम भाव में सूर्य के साथ बुध व शनि का गोचर उन्हें जनता के हित के लिए कुछ ऐसे कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं जिनकी काट ढ़ूढ़ना विरोधियों के लिए मुश्किल लग रहा है. यहां बुध की अस्त स्थिति थोड़ी परेशानी पैदा करत सकती है, लेकिन समय- समय पर इसका समाधान निकालने में सफलता मिलेगी. युवाओं को संतुष्ट रखने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे.

पांच साल बेमिसाल रहेंगे नई सरकार के लिए!
दिल्ली की सरकार ने जिस शुभ मुहूर्त में शपथ ली है उससे लगता है कि ये सरकार अपना कार्यकाल सफलता पूर्वक पूर्ण करेगी.इस सरकार को कोई खतरा नहीं दिख रहा है. यद्पि पंचम भाव में केतु विराजमान है. जो समय-समय पर नई चुनौतियों के तरफ इशारा कर रहा है. सेहत व युवाओं से जुड़े मामलों में कुछ समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन इन पर दिल्ली की सरकार अंत में विजय प्राप्त करने में सफल रहेगी. केतु को ज्योतिष में विजय या पताका भी कहा गया है. 

दिल्ली के दिलों पर राज करेगी रेखा की सरकार!
रेखा गुप्ता दिल्ली के दिल पर राज करेंगी, इस पर यही कहा जा सकता है कि ग्रहों की स्थिति इसकी पूर्ण संभावनाओं का निर्माण कर रही है. नई सरकार गरीब, दलित, मजदूर आदि के लिए 28 फरवरी से पहले-पहले कोई बड़ी योजना की घोषणा कर सकती है. जो इस सरकार के लिए  गेमचेंजर की भूमिका निभा सकता है. महिलाओं के लिए ये सरकार कुछ नई योजनाएं लेकर आ सकती है, इसके क्रियान्वयन के लिए सरकार को अधिक मेहनत करनी होगी. दशम भाव में बुध का अस्त होना कुछ अड़चन पैदा कर सकती हैं. यहां पर शनि मजबूत होकर गोचर कर रहे हैं, जो सरकार को कमजोर और मध्यम वर्गों के लिए कल्याणकारी काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

रेखा गुप्ता के लिए नई डगर कितनी मुश्किल?
दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर रेखा गुप्ता को अधिक परिश्रम करना होगा. कुंडली के दशम भाव में शनि की मौजूदगी ये साफ इशारा कर रही है कि काम तो करना ही होगा. क्योंकि शनि कठोर परिश्रम के कारक हैं. साथ नियम व अनुशासन के भी कारक है. धनभाव में वक्री मंगल राजस्व की स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए इस पर ध्यान देना होगा. वहीं केतु पंचम भाव में दिल्ली के लोगों की सेहत को लेकर अधिक गंभीर रहने का संकेत कर रहा है. प्रदुषण व संक्रामक रोगों से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाने की जरुरत है. वहीं ट्रैफिक व्यवस्था पर ध्यान देना होगा, क्योंकि यहां पर इन मोर्चों पर मुख्यमंत्री को चुनौतियां मिलती दिख रही है. कमजोर वर्गों का समर्थन पाने में ये सरकार अधिक प्रयासरत रहेगी. 

यह भी पढ़ें- Delhi CM Oath Ceremony Live: रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की मुख्यमंत्री, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा समेत 6 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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