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19 फरवरी को दिल्ली में शपथ ग्रहण की संभावना लेकिन ग्रहों की चाल से मिल रहे चौंकाने वाले संकेत

Delhi Chief Minister Oath Ceremony: दिल्ली का चुनाव बीजेपी ने जीत लिया है. दिल्ली में अबकी बार भाजपा सरकार है, 19 फरवरी 2025 को शपथ ग्रहण हो सकता है. इस दिन ग्रहों की चाल क्या रहेगी, जानते हैं.

Delhi New CM Swearing: दिल्ली विधान सभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. दिल्ली में अब भाजपा की सरकार होगी. दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा अभी इसकी घोषणा होनी बाकी है. भाजपा 17-18 फरवरी को विधायक दल की बैठक आयोजित कर सकती है. इसी में मुख्यमंत्री का नाम तय होने की पूर्ण संभावना है. जानकारी मिल रही है कि शपथ ग्रहण समारोह 19 फरवरी 2025 को हो सकता है. इस दिन क्या विशेष है, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी और सरकार कैसी चलेगी? इन तमाम प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए इस दिन के पंचांग को समझते हैं-

19 फरवरी का पंचांग क्या कहता है? (Panchang 19 February 2025)

दिन बुधवार
तिथि षष्ठी - 07:35:29 तक, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरु होगी.
नक्षत्र स्वाति - 10:40:35 तक, इसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा.
योग वृद्धि - 10:47:20 तक, इसके बाद ध्रुव योग बनेगा.
करण वणिज - 07:35:29 तक, विष्टि - 20:50:53 तक
राहु काल 12:35:15 से 13:59:55 तक

शपथ ग्रहण समारोह के दिन क्या विशेष है? ज्योतिषीय आंकलन

19 फरवरी 2025 को यदि शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 12 बजे होता है. तो इस समय की कुंडली वृषभ लग्न की बनती है, जो कि एक स्थिर लग्न है. मेदिनी ज्योतिष के अनुसार शपथ ग्रहण के लिए स्थिर लग्न सबसे उत्तम माना गया है. इसका अर्थ होता कि जो भी सरकार इस लग्न में शपथ ग्रहण करती है, वो स्थिर रहती है, विपक्षियों से उसे खतरा नहीं रहता है और सरकार नियम पूर्वक अपना कार्य करते हुए अपने कार्यकाल को पूर्ण करती है. इसलिए कह सकते हैं कि 19 फरवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए अच्छा है. लेकिन इस दिन एक दिक्कत है, वो ये कि इस दिन बुधवार का दिन पड़ रहा है, जो कि शपथ ग्रहण के लिए कम अच्छा माना गया है.

ज्योतिषीय मान्यता है कि इस दिन जो भी नेता शपथ लेता है उसे कार्यकाल के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. शपथ ग्रहण के दौरान चंद्रमा की स्थिति का भी आंकलन किया जाता है कि 19 फरवरी को चंद्रमा वृषभ लग्न की कुंडली में छठे भाव में विराजमान रहेगा. माना जाता है कि इस स्थिति में पक्ष-विपक्ष के बीच वाद-विवाद चलता रहता है. शपथ ग्रहण के लिए शास्त्रों में रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, ज्येष्ठा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तराभाद्रपद, रेवती, अश्विनी नक्षत्र को सबसे शुभ माना गया है, 19 फरवरी को प्रात: 10 बजकर 40 मिनट तक स्वाति नक्षत्र रहेगा. इसके बाद विशाखा नक्षत्र लग जाएगा.

शपथ ग्रहण के लिए तिथि का विचार भी अनिवार्य है

शपथ ग्रहण समारोह के लिए तिथि का भी ज्ञान जरुरी माना गया है, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार चतुर्थ, नवम, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा की तिथि को शुभ नहीं माना गया है. पंचांग के अनुसार यदि 19 फरवरी को शपथ ली जाती है तो इस दिन प्रात: 7 बजकर 35 मिनट तक षष्ठी तिथि और इसके उपरांत सप्तमी तिथि रहेगी जो उचित है. इसके साथ ही योग का भी ध्यान किया जाता है. इस दिन वृद्धि योग 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ध्रुव योग बनेगा. शपथ के लिए ध्रुव योग उत्तम योगों में से एक माना गया है.

दिल्ली की सरकार का भविष्य कैसा रहेगा?

यदि 19 फरवरी को शपथ ग्रहण होता है तो ग्रहों की गणना से दिल्ली की सरकार का कार्यकाल अच्छा रहने वाला है. सरकार दिल्ली की जनता के लिए तत्काल कुछ बड़े कदम उठा सकती है. सप्तम भाव से विपक्ष को देखा जाता है. कुंडली में सप्तम भाव में वृश्चिक राशि विराजमान है, जिसका स्वामी मंगल है, मंगल एक उग्र ग्रह है, लेकिन इस पर बृहस्पति की दृष्टि है. यहां विपक्ष को अधिक सफलता मिलने की संभावना कम है. दिल्ली की सरकार प्रशासनिक कुशलता से समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक सफल रहेगी. स्थिर लग्न होने के कारण सरकार कठोर निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेगी.

यह भी पढ़ें- दिल्ली में 27 साल बाद खिला कमल, विरोधियों की उड़ जाएंगी नींद भाजपा की कुंडली से मिल रहे ऐसे संकेत

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. वर्तमान में CJP आंदोलन को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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