सिर्फ यूरिया-DAP से नहीं बनेगी बात, फसल को इन 10 पोषक तत्वों की भी जरूरत
फसल की अच्छी बढ़वार और बेहतर पैदावार के लिए खाद के साथ-साथ जिंक, बोरॉन, आयरन, कैल्शियम जैसे कई दूसरे पोषक तत्व भी जरूरी होते हैं. इनकी कमी से पौधों के विकास और फूल-फल बनने पर असर पड़ सकता है.

Crop Nutrients: फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए सिर्फ पानी और खाद देना काफी नहीं होता है. पौधों को सही मात्रा में पोषक तत्व देना भी उतना ही जरूरी है. इनकी कमी होने पर फसल की बढ़वार रुक सकती है, पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और साथ ही फूल-फल बनने पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए किसानों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सा पोषक तत्व पौधों के लिए क्या काम करता है और उसकी कमी होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं.
पौधों को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश के साथ कई दूसरे पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है. इनमें कुछ तत्व बहुत कम मात्रा में चाहिए होते हैं, लेकिन उनकी कमी भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है. सही खाद का चुनाव मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के आधार पर करना चाहिए.
जिंक की कमी से धीमी पड़ सकती है बढ़वार
जिंक यानी जस्ता पौधों के विकास में मदद करता है. इसकी कमी होने पर पत्तियां छोटी रह सकती हैं और पौधों की बढ़वार धीमी पड़ सकती है. किसान इसकी कमी दूर करने के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह से जिंक सल्फेट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
बोरॉन फूल और फल बनने में करता है मदद
बोरॉन पौधों में फूल आने, परागण और फल बनने की प्रक्रिया के लिए जरूरी है. इसकी कमी से फूल और फल बनने पर असर पड़ सकता है. हालांकि, इसकी ज्यादा मात्रा भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए बिना सलाह इसका इस्तेमाल न करें.
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आयरन और मैंगनीज भी हैं जरूरी
आयरन यानी लोहा पौधों में हरापन बनाए रखने और भोजन बनाने की प्रक्रिया में मदद करता है. इसकी कमी होने पर नई पत्तियों की नसों के बीच का हिस्सा पीला पड़ सकता है. वहीं, मैंगनीज भी पौधों को भोजन बनाने में मदद करता है. इसकी कमी से पत्तियों पर असर पड़ सकता है और बढ़वार कमजोर हो सकती है.
कॉपर और मोलिब्डेनम का भी है काम
कॉपर यानी तांबा पौधों की कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करता है. इसकी कमी और ज्यादा मात्रा, दोनों नुकसान पहुंचा सकते हैं. मोलिब्डेनम पौधों को नाइट्रोजन का सही इस्तेमाल करने में मदद करता है. दलहनी फसलों में इसकी खास भूमिका होती है.
मैग्नीशियम, कैल्शियम और सल्फर की भूमिका
मैग्नीशियम पौधों की पत्तियों को हरा रखने में मदद करता है. इसकी कमी होने पर सबसे पहले पुरानी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं. कैल्शियम पौधे को मजबूत बनाता है और नई पत्तियों व टहनियों को बढ़ने में मदद करता है. इसकी कमी से टमाटर के फल के निचले हिस्से में सड़न जैसी समस्या हो सकती है. हालांकि, समय पर पानी न देना या कम-ज्यादा सिंचाई करना भी इसकी वजह हो सकता है. वहीं, सल्फर पौधे को प्रोटीन बनाने और नाइट्रोजन का सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करता है.
निकेल की भी होती है जरूरत
निकेल की बहुत कम मात्रा पौधों के लिए जरूरी है. यह नाइट्रोजन से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं में मदद करता है. इसकी कमी कम देखने को मिलती है, जबकि ज्यादा मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है.
खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच कराएं
इनके अलावा क्लोरीन भी पौधों के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व है. पत्तियों का पीला पड़ना हमेशा पोषक तत्वों की कमी का संकेत नहीं होता. बीमारी और पानी की कमी भी इसकी वजह हो सकती है. इसलिए किसान मिट्टी की जांच कराएं और कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही खाद की सही मात्रा तय करें.
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