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गन्ने की पत्तियों पर दिख रही हैं पीली-सफेद धारियां तो न करें नजरअंदाज, इस चीज की हो सकती है कमी

Sugarcan Farming Tips: गन्ने की नई पत्तियों पर पीली-सफेद धारियां दिखना मिट्टी में आयरन यानी लोहे की कमी का संकेत है. इससे बचने के लिए किसान इन तरीकों को आजमा सकते हैं जिससे फसल फिर से हरी-भरी हो सके.

Sugarcan Farming Tips:  अगर आप गन्ने की खेती करते हैं तो यह समय अपनी फसल पर पैनी नजर रखने का है. कई बार खेत में घूमते हुए हम गन्ने की पत्तियों पर ध्यान नहीं देते लेकिन अगर आपको अपनी फसल की ऊपरी और नई पत्तियों पर पीली या सफेद रंग की लंबी धारियां दिखाई दे रही हैं तो इसे बिल्कुल भी मामूली समझकर नजरअंदाज न करें. 

गन्ने के पौधों में दिखने वाले ये लक्षण असल में एक गंभीर चेतावनी हैं कि आपकी मिट्टी में किसी खास पोषक तत्व की भारी कमी हो गई है. जब पौधों को जमीन से सही पोषण नहीं मिलता. तो उनका रंग बदलने लगता है और पत्तियों में क्लोरोफिल बनना बंद हो जाता है. अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया तो गन्ने की ग्रोथ पूरी तरह रुक जाएगी. इसलिए जान लें यह बातें.

पत्तियों का रंग बदलने के पीछे यह कारण

गन्ने की पत्तियों पर इन पीली और सफेद धारियों के दिखने की सबसे बड़ी वजह मिट्टी में आयरन यानी लोहे तत्व की कमी होना है. जब खेत में आयरन डेफिसिएंसी होती है तो पौधों की नई पत्तियां हरी होने की बजाय धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं और बाद में पूरी तरह सफेद दिखने लगती हैं. यह समस्या ज्यादातर उन खेतों में ज्यादा आती है जहां की मिट्टी रेतीली होती है या फिर जहां पानी का भराव बहुत अधिक समय तक रहता है. 

पीएच लेवल भी एक वजब

इसके अलावा जिन खेतों की मिट्टी का पीएच लेवल बहुत ज्यादा होता है वहां भी पौधे जमीन में मौजूद लोहे को अच्छी तरह सोख नहीं पाते हैं. आयरन की कमी के कारण पौधे अपना भोजन सही से नहीं बना पाते जिससे पूरा गन्ना कमजोर होने लगता है और उसकी मिठास भी कम हो जाती है.

यह भी पढ़ें: मौसम के उतार-चढ़ाव से फटने लगी है पेड़ में लगी लीची, एक्सपर्ट से जानें अब क्या करें किसान?

ऐसे दूर करें आयरन की कमी 

इस समस्या से निपटने और अपनी गन्ने की फसल को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए किसानों को तुरंत उपाय करने चाहिए. इसके लिए सबसे बेस्ट तरीका है फेरस सल्फेट का इस्तेमाल करना. आधे से एक परसेंट फेरस सल्फेट के घोल का खड़ी फसल पर सीधा छिड़काव कर सकते हैं. बाजार में मिलने वाले चीलेटेड आयरन का स्प्रे करना भी इसके लिए बेहद असरदार साबित होता है. 

बुवाई से पहले कर लें ये काम

इसके अलावा जब भी आप अगली बार खेत की तैयारी या बुवाई करें, तो मिट्टी की जांच जरूर करवाएं और गोबर की अच्छी सड़ी हुई जैविक खाद का भरपूर इस्तेमाल करें. सही समय पर आयरन का छिड़काव करने से गन्ने की पत्तियां मात्र कुछ ही दिनों में वापस चमकदार और हरी-भरी हो जाएंगी जिससे आपको सीजन के आखिर में बंपर उत्पादन मिलेगा.

यह भी पढ़ें: धान की बुवाई से पहले बीज को ऐसे करें शुद्ध, फसल में नहीं होगी कोई बीमारी

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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