Paddy Purchase: हरियाणा में बारिश बिगाड़ सकती है धान खरीद का गणित, इतने लाख एकड़ में बोई फसल प्रभावित
Rain Effect On Paddy: हरियाणा में बारिश से लाखों एकड़ धान की फसल प्रभावित हुई है. धान खरीद पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. हालांकि अफसरों ने कहा है कि लक्ष्य के अनूरूप धान खरीद कर ली जाएगी.

Paddy On MSP: कई राज्यों में धान खरीद मंडी में चल रही है. किसान ट्रॉली, बुग्गियों व अन्य वाहनों में धान भरकर मंडी ले जा रहे हैं. लेकिन पिछले 4 दिन हुई बारिश ने अफसरों को टेंशन दे दी है. कई राज्यों में लाखों एकड़ में धान की फसल प्रभावित हुई है. अकेले हरियाणा में ही 11 लाख एकड़ धान की फसल को नुकसान पहुंचा है. हालांकि एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट और धान खरीद से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि हरियाणा में धान खरीद का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन है. यहां लक्ष्य के सापेक्ष धान खरीद कर ली जाएगी.
11 लाख एकड़ फसल बारिश से प्रभावित
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने राज्य में धान उत्पादन में बारिश से करीब 20% नुकसान होने की आशंका जताई थी. अब ऑफिशियल रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में धान की कुल 34.5 लाख एकड़ में से लगभग 11 लाख एकड़ फसल बारिश प्रभावित हुई है।
28 लाख टन धान खरीदा जा चुका
अफसरों का कहना है कि सरकार MSP पर 55 लाख मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य को हासिल कर लेगी. अफसरों का कहना है कि धान उत्पादन पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं हैं. खरीद के आंकड़ों देखें तो लगभग 28 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है. उम्मीद है कि 55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जाएगा.
लक्ष्य पूरा करने में UP बनेगा मददगार
हरियाणा में एमएसपी पर धान खरीद केवल हरियाणा के किसानों की ही हो, इसके लिए 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल तैयार किया गया. हरियाणा में काफी संख्या में उत्तर प्रदेश से किसान धान की फसल एमएसपी पर बेचने चले जाते थे. इसका नुकसान यह होता कि एमएसपी का लाभ हरियाणा के किसानों को ही नहीं मिल पाता. इस बार फसल नुकसान होने से लक्ष्य पूरा होना नामुमकिन लग रहा है. ऐसे में अब सिस्टम की निगाहें उत्तर प्रदेश के किसानों पर हैं. जानकारों का कहना है कि स्थानीय किसानों के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में अंतर को भरने के लिए यूपी के किसानों की उपज को मिला लिया गया है. इससे टारगेट पूरा करने में मदद मिलेगी.
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL





















