Livestock Insurance Scheme: पशुओं का भी बीमा कराएगी सरकार, 85% प्रीमियम भी भरेगी
Livestock Insurance Scheme: मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत सरकार पशु बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा देगी, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

Livestock Insurance Scheme: खेती के साथ-साथ बहुत से किसान गाय-भैंस पालकर भी अपना घर चलाते हैं. लेकिन कई बार किसान को परेशानी होती है कि उनका पशु किसी हादसे, बीमारी या किसी आपदा में मौत हो जाती है, तो किसान को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. इस परेशानी को भले ही हर किसी ने नजरअंदाज कर दिया हो पर सरकार ने इस परेशानी को समझते हुए अब पशु का भी बीमा करवाने जा रही है. यानी इंसान के अलावा अब पशु का बीमा होगा. खास बात यह है कि इस बीमा का ज्यादातर पैसा यानी 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार खुद भरेगी. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी, कि ये योजना है क्या और इसका फायदा किसानों को कैसे मिलेगा.
क्या है यह नई पशुधन बीमा योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का नाम है मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना. जिसका मकसद है किसानों, पशुपालकों और डेयरी चलाने वालों को पशु की मौत या दुर्घटना से होने वाले नुकसान से बचाना और अचानक से आए आर्थिक बोझ पर उन्हें सुरक्षा देना. इस योजना को चलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. यानी सरकार इस योजना को लेकर काफी गंभीर है और बड़े स्तर पर पशुपालकों तक इसका फायदा पहुंचाना चाहती है.
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार खुद देगी. जिसमें 51 प्रतिशत केंद्र सरकार और 34 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान शामिल है. इसका मतलब है कि किसान को सिर्फ 15 प्रतिशत प्रीमियम अपनी जेब से देना होगा. अगर किसी पशु की महामारी, बाढ़ या बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना या किसी और हादसे में मौत हो जाती है, तो इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके अलावा अगर पशु की किसी घटना के दौरान वे स्थायी रूप से विकलांग हो जाए और काम करने लायक न रहे, तो भी बीमा कंपनी बीमित राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करेगी.
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किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह योजना?
देश में कई किसान ऐसे भी हैं जिनके पास खेती-बाड़ी नहीं है और वे बस पशु पालन करके ही कमाई करते हैं. ऐसे में अगर उनका पशु अचानक से बीमार हो जाए, तो पूरे परिवार पर मानो खामोशी का बादल छा जाता है, उनकी कमाई का जरिया खत्म हो जाता है. यही वजह है कि सरकार ने इस योजना की शुरुआत की, इस योजना से किसानों को डर नहीं रहेगा, क्योंकि नुकसान होने पर उन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी.
इस योजना की सबसे बड़ी बात है कि सरकार इसमें ज्यादा हिस्सा दे रही है यानी कुल 85 प्रतिशत, इसलिए इससे किसान पर पैसा का बोझ भी ज्यादा नहीं आएगा, इस योजना को गरीब और छोटे पशुपालकों को नजर में रखकर बनाया गया है. इस योजना में आवेदन करना चाहते हैं वे किसान अपने नजदीक पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जाकर इस योजना की पूरी जानकारी के बारे में पता कर सकते हैं.
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