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Kharif Crop Compensation: इन किसानों को मिलेगा खरीफ फसलों में हुये नुकसान का मुआवजा, यहां करें आवेदन

Fasal Raahat Yojana: राज्य सरकार ने किसानों के लिये प्लान-2 भी तैयार किया है, जिसमें धान की जगह दूसरी फसलें और कम अवधि वाला धान उगाने की हिदायत दी जा रही है.

Compensation For Loss In Kharif Crop Jharkhand: भारत में खरीफ फसल चक्र 2022 (Kharif Season)  में  खेती के लिये मानसून (Monsoon 2022) का रुख काफी खराब रहा. जहां बारिश में देरी के कारण कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई (Kharif Crop Farming) का काम रुक गया. दूसरी तरफ जुलाई के मध्य तक आते-आते तेज बारिश के कारण कई राज्यों में अगेती खरीफ फसलें बर्बाद हो गई.

बात करें झारखंड (Monsoon in Jharkhand) की तो यहां साधारण बारिश के मुकाबले सिर्फ 58 फीसदी बारिश देखी गई, जिसके कारण किसानों को लगभग सूखे जैसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि कम बारिश के कारण कई किसानों के खेत अभी भी खाली पडे हैं. इस मुश्किल समय में किसानों की मदद करने के लिये झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने फसल राहत योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत किसानों अधिकम 20,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जायेगी.

क्या है फसल राहत योजना  (What is Fasal Raahat Yojana)
फसल राहत योजना के तहत खरीफ फसलों के नुकसान पर सरकार द्वारा 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत मुआवजे की राशि प्रति एकड़ के हिसाब से गणना करके सीधा किसानों के  बैंक खातों में पहुंचाई जायेगी. इस मामले में केसीसी से लोन लेने वाले किसान भी मुआवजे के हकदार होंगे. इसके अलावा, जिन किसानों के पास केसीसी नहीं है, उनकी पहचान के लिये गांव या स्थानीय स्तर पर शिविर लगाये जायेंगे. 

इन किसानों को मिलेगा मुआवजा (Farmer's Eligibility for Compensation )
झारखंड सरकार ने खरीफ फसलों के नुकसान पर मुआवजा देने के लिये किसानों के लिये पात्रता भी निर्धारित की है. सिर्फ पात्रता के तहत कवर होने वाले किसानों को ही फसल राहत योजना का लाभ दिया जायेगा.

  • सभी रैयत एवं बटाईदार किसान जो झारखंड के निवासी हों.
  • किसान की उम्र कम से कम 18 वर्ष हो
  • किसान के पास वैध आधार संख्या हो
  • आवदेक किसान के पास कृषि कार्यों से संबंधित वैध भूमि दस्तावेज हों.
  • भू स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद/ राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती /पट्टा बटाईदार किसानों द्वारा भूस्वामी से सहमति पत्र हो.
  • आवेदक किसान के पास न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 5 एकड़ भूमि हो.

यहां करें आवदेन (Apply Here for Fasal Raahat Yojna)
फसल राहत योजना के तहत सिर्फ उन्हीं किसानों को मुआवजा मिलेगा जिनकी फसलों को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान हुआ है. फसल में 30% से 50% नुकसान होने पर 3000 रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जायेगी. जिन किसानों की फसलों में 50% से अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें 4000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से आर्थिक मदद का प्रावधान है.

  • झारखंड राज्य सरकार की फसल राहत योजना के जरिये मुआवजा लेने के लिये https://jrfry.jharkhand.gov.in/ पर आवेदन कर सकते हैं.
  • किसान चाहें तो कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से भी योजना के लिये अपना पंजीकरण करा सकते हैं
  • अधिक जानकारी के लिये अपने निकटतम जिले के राज्य कृषि अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं.

क्या हैं झारखंड के हालात (Situation of Jharkhand) 
जहां एक तरफ महाराष्ट्र (Maharashtra) जैसे राज्यों की हालत तेज बारिश के कारण खराब होती जा रही है, तो वहीं झारखंड (Jharkhand) जैसे राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई का काफी पीछे हैं. बात करें धान की खेती (Paddy Cultivation in Jharkhand) के बारे में राज्य में पौधों की रोपाई के लिये 15 जुलाई तक का समय निर्धारित किया  गया था, लेकिन बारिश की बेरुखी के कारण ज्यादातर किसान धान की खेती कर ही नहीं पाये.

  • इस समस्या के लिये भी राज्य सरकार ने प्लान-2 जारी किया है, जिसमें किसानों को धान की जगह दूसरे फसलें और कम अवधि वाली धान की खेती (Low Term Paddy Cultivation) करने की हिदायत दी जा रही है. इससे किसानों को बड़े नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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