पहाड़ों पर मूसलाधार मुसीबत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हर दिन एक नई मुसीबत से लोगों की जान आफत में पड़ गई है. कहीं पानी का सैलाब.. कहीं दरकते पहाड़ ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।