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किसानों के प्रदर्शन पर SC , हम 'राइट टू प्रोटेस्ट' के अधिकार में कटौती नहीं कर सकते
23 दिनों से दिल्ली को घेरकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई... कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर शुरू हुए किसानों के आंदोलन को 3 हफ्ते से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है... ना तो किसान अपने कदम पीछे खींचने को तैयार है और ना ही सरकार... इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन पर सुनवाई हुई... जिसमें चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने साफ कर दिया है कि किसानों को प्रदर्शन करने का हक है... लेकिन ये प्रदर्शन कैसे हो इस पर चर्चा हो सकती है... चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रदर्शन के अधिकार में कटौती नहीं की जा सकती... लेकिन इस तरह सड़कों को ब्लॉक नहीं किया जाना चाहिए... सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि, दिल्ली के रास्तों को बंद करने से शहर के लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या आ सकती है... ऐसे में इस आंदोलन का हल आपसी बातचीत से ही निकल सकता है... किसानों के सिर्फ आंदोलन पर बैठने से समस्या दूर नहीं होगी....
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प्रशांत अग्रवालप्रेसिडेंट, नारायण सेवा संस्थान
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