2019 में बीजेपी की प्रचंड जीत और प्रधानमंत्री मोदी की शपथ के साथ जो पहली चुनौती सामने आई है वो राम मंदिर की है और इसे सामने रखने वाला कोई और नहीं बल्कि संत समाज है।