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पर्यावरण बचाने के लिए छोड़ दी सरकारी नौकरी भी, फिर किए ये काम | Satte Pe Satta
बढ़ती आबादी, शहरीकरण और पेड़ों की अंधाधुंध कटान से आज पर्यावरण संकट में हैं और ज्यादातर लोग इस संकट से वाकिफ होने के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं लेकिन बस्ती के रहने वाले सुधाकर सिंह को पर्यावरण से ऐसा प्रेम हुआ कि इसके लिए उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी तक छोड़ दी. आप भी देखिए सुधाकर सिंह के पर्यावरण प्रेम की ये अनूठी दास्तां.
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श्रीप्रकाश सिंह, प्रोफेसरकुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल उत्तराखंड
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