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जन्मभूमि: अदालत से मिलेगी मंदिर की राह ! सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं निगाहें
जन्मभूमि..सिर्फ ज़मीन का टुकड़ा नहीं होती...जब ये जन्मभूमि वतन से जुड़ती है तो देशभक्ति बन जाती है...और जब ये जन्मभूमि हमारे-आपके जन्मस्थान से जुड़ती है तो हमारे इतिहास..हमारे पूर्वजों के साथ श्रद्धा और आत्मिक लगाव से जुड़ जाती है...जिस जन्मभूमि की बात आज हम करने जा रहे हैं, वो जन्मभूमि तो सिर्फ हमारे-आपके नहीं देश-दुनिया के अरबों हिंदुओं की श्रद्धा से जुड़ी है...लेकिन उस जन्मभूमि को सिर्फ ज़मीन के एक टुकड़े की तरह अदालत की चौखट पर पहुंचा दिया गया है...ये जन्मभूमि है भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या
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