जेल में बंद Azam Khan का मूड खराब है या तबीयत ? | Baat To Chubhegi
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ा था। अखिलेश यादव ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उनकी सभाओं में भीड़ भी खूब दिखी..लेकिन पार्टी...इस भीड़ को वोट में नहीं बदल पाई। या कहें..कि सड़कों पर उतरे सपा के समर्थकों की तादाद...इतनी नहीं थी...जितने वोटरों ने भाजपा के समर्थन में मतदान किया। प्रचार के दौरान अखिलेश यादव ने रामपुर में लंबा रोड शो किया था...तब वे आजम खान और अब्दुल्ला आजम के लिए जमकर प्रचार करते नजर आए थे...दोनों की जीत भी हुई...लेकिन इसके बाद..सपा के भीतर क्या हुआ..कोई नहीं जानता...आखिर आजम खान महीने भर के भीतर ही क्यों नाराज हो गए...ये सामने आना बाकी है..लेकिन इस वक्त आजम के जो इशारे हैं..वो यही बता रहे हैं कि सपा के भीतर सब ठीक नहीं।

























