Gomti River Front Project Scam: एक ही काम के लिए अलग-अलग टेंडर, CBI ने कारनामों का किया खुलासा
गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में सीबीआई ने कई कारनामों का खुलासा किया है. सिल्ट सफाई के एक ही काम के लिए दंपति ने अलग-अलग टेंडर डाले. पत्नी ने 1.88 करोड़ रुपये का ठेका हथिया लिया. प्रोजेक्ट की कुल लागत 1513 करोड़ रुपये आंकी गई थी. 4 टेंडरों के माध्यम से 12 कामों के ठेके दिए गए थे. बता दें कि अखिलेश सरकार के समय गोमती रिवर फ्रंट घोटाला मामले में CBI ताबड़तोड़ छापेमारी की. ये छापेमारी 8 आरोपियों के ठिकानों पर की गई...जिसमें तत्कालीन चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव भी शामिल रहे...उनके लखनऊ समेत तमाम ठिकानों पर छापेमारी की गई..सीबीआई ने लखनऊ के गोमती नगर, विकास नगर, आशियाना समेत कई जगहों पर छापा मारा...वहीं गाजियाबाद और नोएडा के ठिकानों पर छापेमारी की गई...आपको बता दें कि सिंचाई विभाग के 16 तत्कालीन अफसरों और 173 ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज किया गया...



























