उत्तरकाशी आपदा राहत राशि देने पर भड़के धराली के लोग
उत्तरकाशी के Dharaali में 5 अगस्त को आई आपदा ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी आंखों के सामने 111 लोग मलबे में दब गए और उनकी कोई नहीं सुन रहा है। उपेन्द्र शाह नामक एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें आपदा ने नहीं बल्कि Bihar सरकार ने मारा है, क्योंकि अगर Bihar में रोजगार होता तो उन्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता। Dharaali और Harshil में 'ऑपरेशन जिंदगी' युद्ध स्तर पर जारी है। Army, ITBP, SDRF और NDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। मलबे में दबी JCB को निकालने का काम भी चल रहा है। सड़क मार्ग पूरी तरह से टूट गया है और हेलीकॉप्टर ही बचाव का एकमात्र जरिया है। Army और BRO ने Gangnani Valley Bridge को 24 घंटे में पैदल चलने लायक बना दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल की जा रही है। प्रशासन ने फौरी राहत के तौर पर 5000 रुपये का चेक दिया है, जिसे लोग अपर्याप्त बता रहे हैं। एक होटल मालिक ने बताया कि उसका होटल और दुकान बह गए और उसके चार स्टाफ सदस्यों की मृत्यु हो गई। उत्तरकाशी के Dharaali में 5 अगस्त को आई आपदा ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी आंखों के सामने 111 लोग मलबे में दब गए और उनकी कोई नहीं सुन रहा है। उपेन्द्र शाह नामक एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें आपदा ने नहीं बल्कि Bihar सरकार ने मारा है, क्योंकि अगर Bihar में रोजगार होता तो उन्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता। Dharaali और Harshil में 'ऑपरेशन जिंदगी' युद्ध स्तर पर जारी है। Army, ITBP, SDRF और NDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। मलबे में दबी JCB को निकालने का काम भी चल रहा है। सड़क मार्ग पूरी तरह से टूट गया है और हेलीकॉप्टर ही बचाव का एकमात्र जरिया है। Army और BRO ने Gangnani Valley Bridge को 24 घंटे में पैदल चलने लायक बना दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल की जा रही है। प्रशासन ने फौरी राहत के तौर पर 5000 रुपये का चेक दिया है, जिसे लोग अपर्याप्त बता रहे हैं। एक होटल मालिक ने बताया कि उसका होटल और दुकान बह गए और उसके चार स्टाफ सदस्यों की मृत्यु हो गई।
























