यह विरोध इस बात को लेकर है कि बिल के प्रावधानों को लेकर मुस्लिम समुदाय में असंतोष और चिंता हो सकती है। गुलाम गौस ने यह भी कहा कि अगर यह बिल लागू होता है तो इसका व्यापक असर देशभर में देखा जाएगा, और मुस्लिम समुदाय अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन कर सकता है।
इस विरोध ने सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि JDU के अंदर ही दो राय देखने को मिल रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विरोध के बावजूद, वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में कैसे पेश होता है और उस पर किस तरह की बहस होती है।


























