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Hamara Samvidhan | Ep 9 | भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों की रक्षा का अधिकार
संविधान ने नागरिकों को जहां कई मौलिक अधिकार दिए हैं, वहीं इस बात का भी ध्यान रखा है कि इन अधिकारों का हनन न हो सके. बाकी मौलिक अधिकारों की रक्षा एक मौलिक अधिकार ही करता है. ये अधिकार है- right to constitutional remedy. अनुच्छेद 32 हर नागरिक को अधिकार देता है कि अगर सरकार के किसी फैसले से उसके या किसी और के मौलिक अधिकार बाधित हो रहे हो, तो वो सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है. भारत के संविधान को पारित हुए 70 साल पूरे हो गए. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ था और करीब दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को ये लागू हुआ. 26 नवंबर का दिन भारत में 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जबकि 26 जनवरी को 'गणतंत्र दिवस' के रूप में मनाया जाता है. हमारे संविधान ने देश के हर नागरिक को कुछ अधिकार दिए हैं, जिन्हें जानना बहुत जरूरी है. एबीपी न्यूज के खास सीरीज 'हमारा संविधान' में जानिए क्या है मौलिक अधिकारों की रक्षा का अधिकार?
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