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1975 Emergency वाले ट्वीट पर Amit Shah ने कहा- ये एक ऐसी चीज है जिसे जनता को हमेशा याद रखना चाहिए
5 जून को अमित शाह ने ट्वीट किया था कि कांग्रेस में बोलने के लिए आजादी नहीं है. इस पर शाह ने आज एएनआई को दिए इंटरव्यू में सफाई देते हुए कहा कि उनका ये ट्वीट इमरजेंसी के खिलाफ था.
अमित शाह ने कहा, "कोरोना संकट के समय मैंने कोई राजनीति नहीं की है. हर साल 25 जून को इमरजेंसी पर मैं कुछ बयान देता हूं. इमरजेंसी को पूरे देश को याद रखना चाहिए. क्योंकि हमारे लोकतंत्र की नींव पर प्रहार किया गया था. इसलिए इस किसी राजनीतिक नेता या नागरिक को इसे कभी भूलना नहीं चाहिए. स्थिति के अनुसार इमरजेंसी का मतलब बदल जाता है. लेकिन मेरा ये ट्वीट इमरजेंसी के खिलाफ था."
अमित शाह ने कहा, "कोरोना संकट के समय मैंने कोई राजनीति नहीं की है. हर साल 25 जून को इमरजेंसी पर मैं कुछ बयान देता हूं. इमरजेंसी को पूरे देश को याद रखना चाहिए. क्योंकि हमारे लोकतंत्र की नींव पर प्रहार किया गया था. इसलिए इस किसी राजनीतिक नेता या नागरिक को इसे कभी भूलना नहीं चाहिए. स्थिति के अनुसार इमरजेंसी का मतलब बदल जाता है. लेकिन मेरा ये ट्वीट इमरजेंसी के खिलाफ था."
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