पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में होली से एक दिन पहले डोल उत्सव मनाया गया. इस दौरान लोग गुलाल और रंगों से खेलते हैं और रवींद्रनाथ टैगोर के गाने पर नाचते और जश्न मनाते हैं.