उम्मीदों से बढ़कर निकली “vadh 2” — बिना VFX की दमदार कहानी जो अंत तक बांधे रखे
Vadh 2 से जो expectation थी वो तो पूरी नहीं हुई, उससे भी ज्यादा अच्छी निकली ये फिल्म। Vadh 1 से काफी बेहतर ये फिल्म 2 घंटे 10 मिनट तक आपको seat से उठने का मौका नहीं देगी। Perfect cinema जिसमें vadh होता है, किसका होता है, कौन करता है—ये तो disclose करने में कहानी देखने का असली मजा नहीं आएगा क्योंकि film एक perfect pace पर चलती है। यहा romance , climax और comedy एक ही screen पर दिखाई गई है।
Sanjay Mishra और Neena Gupta एक साथ romantic scene में बिल्कुल perfect trending couples लग रहे हैं, जिनके बीच film में एक romace scene में एक दीवार होती है। दीवार के आर-पार से दोनों की बातें चल रही हैं, आसमान में तारे चमक रहे हैं, चाँदनी रात है—पूरी तरीके से old school romance को दर्शाया गया है।
जोड़ी हो या single character , सबने अपना काम बखूबी निभाया है। Sanjay Mishra हों, Neena Gupta हों, Kumud Mishra Jailer के रूप में हों, Akshay Dogra vilian के रूप में हों, Amit Singh investigating officer के रूप में हों या फिर Shilpa Shukla —सभी ने बेहद कमाल का काम किया है।
Jaspal Singh Sindhu ने film लिखी है, direct की है और एक बार फिर Vadh 1 के बाद Vadh 2 बनाकर अपना लेवल पर कर दिया है। वध 1 का sequal न होकर भी Vadh 2 बांध कर रखने वाली एक बिना किसी VFX की absolute real film है।
5 में से 4 star वाली ये film एक बार must watch है






























