CBDT ने हाई-वैल्यू शॉपिंग और ₹10 लाख से अधिक के लेन-देन पर नजर रखने के लिए टैक्स का दायरा बढ़ा दिया है। अब ऐसे लेन-देन को इनकम टैक्स रिटर्न में दर्ज करना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना और लग्ज़री खर्चों पर नियंत्रण लाना है। इस नए नियम के तहत, सेलर को टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी दी गई है। यह प्रावधान 22 अप्रैल से लागू हो गया है और लग्ज़री आइटम्स की खरीदारी को अधिक पारदर्शी बनाएगा। यह कदम टैक्स सिस्टम को मजबूत करने और बड़े खर्चों पर निगरानी रखने के लिए उठाया गया है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
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