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'कत्लेआम' को हल्के में लेने वाली संवेदनशील सोच की घंटी बजाओ
पुरानी कहावत है पहले चोरी और फिर सीनाजोरी. देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ. राजीव गांधी ने इसे लेकर विवादित बयान दिया. पीड़ितों को 35 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिला और ऊपर से कांग्रेस की तरफ से क्या बयान आया...84 का दंगा हुआ तो हुआ. ऐसे बयान का क्या मतलब है. इसे लेकर हमने ये रिपोर्ट तैयार की है. जिसे देखकर आज आपको 'कत्लेआम' को हल्के में लेने वाली सोच की घंटी बजानी है.
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