India Vs Pakistan Match से पहले देखिए कैसे दर-दर की ठोकरें खाई पाकिस्तान ने | ABPLIVE
सोचिए कि आप घंटों का सफर करके पहुंचे हों और फिर आपको एक मैच भी खेलना हो और देश के लिए जीतना भी हो… वो भी तब, जब होटल भी न मिला हो, नींद भी पूरी न हुई हो। तो आप जीतेंगे थोड़ी ना! हारेंगे ही! कुछ ऐसा ही हाल है पाकिस्तान का… वो अलग बात है कि तैयारी भी इनकी कमतर ही होती है… लेकिन इन फैक्टर्स ने ये तय कर दिया कि टीम हारे ही… नमस्कार, मेरा नाम है श्वेता शर्मा और आज बात पाकिस्तान के फटे हाल की! नहीं… मैं क्रिकेट की बात नहीं कर रही… मैं बात कर रही हूं हॉकी की। 12 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा शहर में पाकिस्तान की राष्ट्रीय हॉकी टीम को एक बेहद अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। टीम को पता चला कि उनके लिए कोई भी होटल बुक नहीं किया गया है, जिसके बाद खिलाड़ियों को कई घंटों तक सड़कों पर भटकना पड़ा। इस घटना ने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के भीतर जारी administrative और financial समस्याओं को एक बार फिर उजागर कर दिया। पाकिस्तान टीम FIH प्रो लीग 2026 के दूसरे चरण के लिए होबार्ट में खेलने ऑस्ट्रेलिया गई थी। टीम को बताया गया था कि कैनबरा में उनके लिए एक चार सितारा होटल बुक किया गया है और सभी भुगतान पहले ही पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) और PHF द्वारा कर दिए गए हैं। Kai media reports mein bi kaha gaya tha ki “खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए चार सितारा होटल बुक किया गया था और उन्हें बताया गया था कि ठहरने का पूरा भुगतान हो चुका है।” लेकिन टीम के वहां पहुंचते ही हालात बिगड़ गए। रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर से लगभग 24 घंटे की थकाऊ यात्रा के बाद जब खिलाड़ी और अधिकारी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर कोई भी रिज़र्वेशन मौजूद नहीं है। समय के अंतर के कारण मुख्य कोच ताहिर ज़मान भी पाकिस्तान में अधिकारियों से संपर्क नहीं कर पाए, जिससे टीम तुरंत किसी ठिकाने के बिना रह गई। “पांच से छह घंटे तक खिलाड़ियों के पास ठहरने की कोई जगह नहीं थी और उन्हें कैनबरा की सड़कों पर समय बिताना पड़ा।” “आखिरकार स्थानीय पाकिस्तानी निवासियों और अधिकारियों ने उसी होटल में आपातकालीन व्यवस्था करवाई, लेकिन आखिरी समय में बुकिंग होने के कारण तीन खिलाड़ियों को एक ही कमरे में रहना पड़ा।” यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान हॉकी टीम को विदेश दौरे पर ऐसी आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा हो। बताया जाता है कि इससे पहले अर्जेंटीना में FIH प्रो लीग के पहले चरण के दौरान भी खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता नहीं मिला था, जिससे उन्हें अपने बुनियादी खर्च उठाने में दिक्कत हुई थी। कैनेबरा की इस घटना के बाद PHF की कड़ी आलोचना हो रही है और पाकिस्तान के राष्ट्रीय खेल के प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी organisational failures न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम की छवि खराब करती हैं, बल्कि खिलाड़ियों के मनोबल और प्रदर्शन पर भी बुरा असर डालती हैं। खासकर तब, जब उन्हें होबार्ट चरण में ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से मुकाबला करना है। टीम की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। इस दौरे पर टीम बिना मैनेजर के ही कैनबरा पहुंची, क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को PHF ने पिछली यात्रा के दौरान हुए विवाद के बाद टीम से हटा दिया था। सूत्र ने कहा, “खिलाड़ियों के पास बाहर इंतजार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, जब तक रहने की व्यवस्था नहीं हो गई। बाद में कैनबरा में रहने वाले कुछ स्थानीय पाकिस्तानियों ने उनकी मदद की।” “कमरों की कमी के कारण दो से तीन खिलाड़ियों को एक ही कमरे में रहना पड़ा और अगले ही दिन उन्हें सीधे मैच खेलने उतरना पड़ा।




























