इस जगह आसानी से मिल रहा LPG सिलेंडर, बस दिखानी होगी ID, लाइन में लगने का झंझट भी खत्म
Free Trade LPG Scheme: लुधियाना में एलपीजी किल्लत के बीच प्रशासन ने 'मुफ्त व्यापार एलपीजी योजना' शुरू की, जिसके तहत प्रवासी मजदूर आईडी दिखाकर 2 और 5 किलो के छोटे सिलेंडर ले सकेंगे.

Free Trade LPG Scheme: पंजाब के मशहूर जिले लुधियाना में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच प्रवासी मजदूरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लंबी-लंबी कतारों और गैस की कमी ने प्रवासी मजदूरों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया था. ऐसे में जिला प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के लिए "मुफ्त व्यापार एलपीजी योजना" शुरू की है.
कैसे मिलेगा एलपीजी सिलेंडर?
- इस योजना के तहत अब प्रवासी मजदूर अपना आधार कार्ड या कोई अन्य आईडी प्रूफ पेश करके नया एलपीजी कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं.
- खास बात यह है कि उन्हें केवल छोटे यानी 2 किलो और 5 किलोग्राम के सिलेंडर ही मिलेंगे, जिससे उनकी जरूरत आसानी से पूरी हो सके.
मजदूरों को लाइन से मिलेगी छुटकारा
जिला प्रशासन ने गैस एजेंसी धारकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को छोटे सिलेंडर प्रदान करें. इसके अलावा प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों को भी कहा कि वे अपने कामगारों के लिए आईडी प्रूफ तैयार करवाकर एजेंसी को जमा करा दें.
सबसे बड़ी राहत यह है कि अब गैस एजेंसी धारक छोटे सिलेंडर फैक्ट्री में ही पहुंचाएंगे. इससे मजदूरों को घंटों कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो भी एजेंसी धारक पालन करने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
शिकायत के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा, "लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए ग्लाडा कार्यालय के कमेटी रूम में एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. यह कंट्रोल रूम रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक चालू रहेगा. लोग हेल्पलाइन नंबर- 9915155072 पर संपर्क करके अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करवा सकते हैं." प्रशासन का कहना है कि यह कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन इसलिए शुरू किया गया है, ताकि किसी को गैस की परेशानी न हो.
सप्लाई पर नजर, कालाबाजारी पर सख्ती
डीसी हिमांशु जैन ने कहा, "प्रशासन घरेलू उपभोक्ताओं को आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गैस एजेंसियों और तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के साथ लगातार संपर्क में है. इसके अलावा जमीनी स्तर पर फूड सप्लाई इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं, जो गैस एजेंसियों की निगरानी कर रहे हैं."
उन्होंने साफ कहा, "किसी भी तरह की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर कोई इसमें शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. इसके साथ ही प्रशासन का दावा है कि इस नई योजना से प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी और गैस की किल्लत को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा."






















