लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम भरना भूल गए? जानिए पॉलिसी पर क्या पड़ेगा असर
Insurance Policy Lapse: प्रीमियम मिस होने पर लाइफ इंश्योरेंस तुरंत बंद नहीं होता. जानिए ग्रेस पीरियड, पॉलिसी लैप्स, रिवाइवल, डेथ क्लेम और नॉमिनी से जुड़े जरूरी नियम और सावधानियां.

Life Insurance Grace Period: प्रीमियम समय पर न भरने पर पॉलिसी तुरंत बंद नहीं होती. ग्रेस पीरियड के बाद भी भुगतान न करने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है. जानिए ग्रेस पीरियड और रिवाइवल के नियम.
लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम मिस होने पर पॉलिसी हमेशा जारी नहीं रहती. 70 लाख रुपये के डेथ क्लेम मामले में दूसरे साल का प्रीमियम न भरने से पॉलिसी लैप्स हो गई. हालांकि, आयोग ने करीब 7 लाख रुपये का पहला प्रीमियम लौटाने का आदेश दिया.
रिवाइवल कोटेशन वैध होने के बावजूद पॉलिसी का कवर एक्टिव नहीं माना गया. आयोग ने स्पष्ट किया कि पॉलिसी रिवाइव करने की पात्रता और बीमा कवर का सक्रिय होना अलग-अलग हैं.
तो प्रीमियम मिस होने पर वास्तव में क्या होता है?
प्रीमियम की अंतिम भुगतान तारीख निकलने के बाद पॉलिसीधारक को ग्रेस पीरियड मिलता है. इस दौरान भुगतान कर पॉलिसी जारी रखी जा सकती है, लेकिन ग्रेस पीरियड खत्म होने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है.
ग्रेस पीरियड के दौरान क्या होता है?
ग्रेस पीरियड में पॉलिसी आमतौर पर प्रभावी रहती है, इसलिए इसे तुरंत लैप्स नहीं माना जाता. हालांकि, इस दौरान बकाया प्रीमियम के नियम लागू हो सकते हैं. इसलिए समय पर पॉलिसी की स्थिति जांचना जरूरी है.
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ग्रेस पीरियड खत्म होने के बाद क्या होता है?
ग्रेस पीरियड के बाद प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है. कुछ पॉलिसियों में पेड-अप स्टेटस के जरिए कम लाभ के साथ कवर जारी रह सकता है. यह पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है.
लैप्स पॉलिसी का क्या मतलब है?
ग्रेस पीरियड में प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है और पूरा कवर खत्म हो सकता है. खासकर टर्म इंश्योरेंस में इसका असर परिवार की वित्तीय सुरक्षा पर पड़ सकता है.
क्या लैप्स हो चुकी पॉलिसी को दोबारा चालू किया जा सकता है?
लैप्स पॉलिसी को रिवाइवल के जरिए दोबारा शुरू किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए बकाया प्रीमियम, ब्याज या अन्य शर्तें पूरी करनी पड़ सकती हैं. बीमा कंपनी की मंजूरी के बाद ही कवर बहाल माना जाता है.
अगर प्रीमियम पहले ही मिस हो गया है तो क्या करें?
प्रीमियम मिस होने पर पहले पॉलिसी का स्टेटस और ग्रेस पीरियड चेक करें। जरूरत पड़ने पर रिवाइवल प्रक्रिया पूरी करें और कवर बहाल होने की लिखित पुष्टि जरूर लें.
नॉमिनी को बीमा कंपनी, पॉलिसी नंबर, कवर, दस्तावेज और प्रीमियम की जानकारी जरूर दें. इससे जरूरत पड़ने पर नॉमिनी आसानी से इंश्योरेंस क्लेम कर सकेगा.
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