Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे पर Annual पास चलेगा या नहीं? कितना देना होगा टोल, जानें सभी सवालों के जवाब
Ganga Expressway: यूपी के कई छोटे गांव- जिलों को जोड़ने के लिए बनाए गए गंगा एक्सप्रेस- वे का उद्घाटन कल यानी 29 अप्रैल को होने वाला है. इससे पहले जानते हैं इसका टोल टैक्स, सालाना पास आदि के बारे में.

Ganga Expressway News: उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन के लिए पूरी तरह से तैयार है. इस एक्प्रेसवे का उद्घाटन कल यानी 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में किया जाने वाला है. उद्घाटन के बाद ये एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए भी खुल जाएगा. जिससे मेरठ से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपनी गाड़ी से जाने वाले लोग कम समय में ही पहुंच पाएंगे. हालांकि इससे पहले लोगों का ये जानना भी जरूरी है कि इस रूट पर सफर करने पर कितना Fastag कटेगा और कितने टोल नाके पड़ने वाले हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे पर कितने होंगे टोल प्लाजा?
गंगा एक्सप्रेसवे पर दो मुख्य टोल प्लाजा हैं जो मेरठ और प्रयागराज के ट्रैफिक को मैनेज करेंगे. इसके अलावा 19 रैम्प टोल प्लाजा होंगे जो एंट्री और एग्जिट पर नियंत्रण रखेंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो ये टोल क्लोज्ड सिस्टम के जरिए ऑपरेट होंगे.
तो वहीं बात करें Fastag की तो इसकी अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ से प्रयागराज तक का सफर करने पर कारों से करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा. जो कि 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के मुताबिक 1515 रुपये हो सकता है. हालांकि ये शुल्क बस और ट्रकों के लिए अलग होने वाला है.
सालाना पास चलेगा या नहीं?
इस एक्सप्रेसवे को लेकर एक सवाल ये भी है कि यहां पर NHAI द्वारा शुरू किया गया सालाना पास चलेगा या नहीं. तो आपको बता दें कि NHAI वाला पास जिसमें 3,075 का रीचार्ज होगा, केवल नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेसवे के लिए ही मान्य होगा. गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण और संचालन एक राज्य स्तरीय संस्था UPEIDA (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने किया है, ऐसे में इस पर केंद्र सरकार वाला एनुअल पास लागू नहीं होगा.
हालांकि इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे पर भी पास की सुविधा है. यहां पर यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों को UPEIDA की तरफ से एक पास जारी करने की व्यवस्था की गई है. जिसमें यात्रियों को दो पास दिए जाएंगे:
रिटर्न जर्नी पास
- ये पास एक ही दिन में अगर आप जाकर वापस आ रहे हैं तो आपको टोल में छूट देगा.
- इस पास के जरिए एक तरफ के टोल का 1.6 गुना ही लिया जाएगा.
मासिक पास
- ये पास उन लोगों के लिए है जो स्थानीय निवासी हैं या फिर नियमित रूप से इस रूट पर यात्रा करेंगे.
- ये पास उन लोगों को मिलेगा जो महीने में कम से कम 20 से ज्यादा बार यात्रा करेंगे.
- इस पास के जरिए यात्रा करने वालों को विशेष रियायत मिलेगी.
गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में
गंगा एक्सप्रेसवे को साल 2020 में कैबिनेट से मंजूरी मिली थी, जिसके बाद 18 दिसंबर 2021 को इसका भूमिपूजन प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर में हुआ. अब अप्रैल 2026 में ये एक्सप्रसवे बनकर तैयार है, जिसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर है. ये एक्सप्रेसवे 6 लेन है और इसे भविष्य में 8 लेन भी किया जा सकता है. एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत लगी है. एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ के बिजौली गांव से होगी और ये प्रयागराज के जूदापुर डांडू गांव पर समाप्त होगा.























