8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट, ₹1.80 लाख तक पहुंच सकती है सैलरी, बैठक जारी
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. देशभर में कर्मचारियों और यूनियनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें होने वाली है. आइए जानते हैं, इस बारे में.

- आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू, बैठकें जल्द होंगी।
- कर्मचारी संघों से सुझाव लेने हेतु शहर-शहर बैठकें होंगी।
- परामर्शकों की भर्ती, रिपोर्ट तैयार करने में होगी मदद।
- वेतन आयोग की सिफारिशें लाखों कर्मचारियों की आय पर असर डालेंगी।
8th Pay Commission Meetings: आठवें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया के तहत मीटिंग जारी है. आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग शहरों में विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें और बातचीत का प्लान तैयार किया गया है. ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनधारी वेतन, पेंशन और भत्तों में होने वाले बदलावों को लेकर इंतजार कर रहे हैं.
आयोग ने इसको लेकर एक योजना तैयार की है. जिससे यह समझ आता है कि अब सिफारिशों को तैयार करने की दिशा में विस्तार से बातचीत शुरू होने वाली है. आइए जानते हैं, इस विषय में.
इन शहरों में होंगी अहम बैठकें
आयोग इसके तहत कर्मचारी यूनियनों, संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सीधे बातचीत करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए कई शहरों में बैठक होने वाली है. ताकि सभी की राय और सुझाव लिए जा सकें.
जारी शेड्यूल के अनुसार नई दिल्ली में 28, 29 और 30 अप्रैल को बैठकें होने वाली हैं. वहीं, पुणे में 4 और 5 मई को आयोग विभिन्न संगठनों और यूनियनों से बातचीत करेगा. इसके बाद मुंबई समेत अन्य शहरों में भी कार्यक्रम होंगे. इन बैठकों से आयोग सभी पक्षों से सुझाव लेकर आगे की सिफारिश तैयार करना चाहता हैं. जिससे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों के लाभ की बात हो सके.
कंसल्टेंट पदों पर भर्ती निकली
आठवें वेतन आयोग की कामकाज में मदद के लिए कंसल्टेंट पदों पर भर्ती निकाली गई है. इसमें कुल 20 पदों पर भर्ती होने वाली है. जिनमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों तरह के विकल्प शामिल हैं.
कितने रुपए महीने मिलेगी सैलरी
फुल-टाइम कंसल्टेंट को अधिकतम 1.80 लाख रुपये महीने तक सैलरी मिल सकती है. जबकि पार्ट-टाइम में चुने गए लोगों को महीने में 6 से 12 दिन काम करना होगा. इस भर्ती का मकसद सुझाव व रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
आठवां वेतन आयोग क्यों अहम है?
आठवां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश करता है. जिससे सीधे तौर पर लाखों लोगों की इनकम पर असर पड़ता है.
आयोग के फैसले सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों की खरीदारी की क्षमता और देश की आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका असर देखने को मिलता है. यही वजह है कि आम से लेकर खास तक सभी की नजरें आयोग की सिफारिशों पर बनी रहती है.
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Source: IOCL


























