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लॉकडाउन 4.0 से कितना अलग होगा लॉकडाउन 5.0,जानिए मॉल, मंदिर और GYM खुलेंगे क्या? | PM Modi| ABP Uncut
31 मई को लॉकडाउन फ़ोर ख़त्म हो रहा है. तो क्या हम लॉकडाउन फ़ाइव के लिए तैयार हो जायें. या फिर कबछ और छूट हम सबको मिलने वाली है. देश में 25 मार्च से ही लॉकडाउन है. लॉकडाउन टू थ्री और फ़ोर में धीरे धीरे बहुत कुछ खुल गया है. और कुछ खुलना बाक़ी है. लॉकडाउन से फ़ायदा हुआ या फिर नहीं. इस पर बहस जारी है. सरकार का दावा है कि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में मदद मिली है. इंदौर दावे के समर्थन में तरह तरह की थ्योरी दी जा रही है. रिकवरी रेट अच्छा है. मरीज़ों के ठीक होकर डिस्चार्ज रेट बढ़िया है. पहले तीन दिनों पॉज़िटिव केस की संख्या दोगुनी होती थी. अब ऐसा होने में सोलह दिन लगते हैं. कहा जा रहा है कि दूसरे देशों के मुक़ाबले यहाँ डेथ रेट कम है.लेकिन ये भी सच है कि भारत में कोरोना के केस की संख्या लगातार तेज़ी से बढ़ रही है.. हर दिन औसतन 6500 से 7000 नए मामले रोज़ बढ़ रहे हैं. कोरोना मरीज़ों की संख्या के हिसाब से हम दुनिया के टॉप टेन में आ गए हैं. तुर्की को छोड़ कर भारत नौवें पर पहुँच गया है. ग्रोथ रेट में हम दूसरे नंबर पर हैं, ब्राज़ील के बाद. ये बड़ा ख़तरनाक ट्रेंड हैं. एक लाख केस होने में 109 दिन लगे. जबकि अगले पचास हज़ार होने में सिर्फ़ नौ दिन लगे. राहुल गांधी बार बार कह रहे हैं कि लॉकडाउन फेल हो गया. अब फैल हुआ या फिर पास .. ये बहस हरि अनंत हरि कथा अनंता जैसी है.लॉकडाउन फ़ोर के बाद घरेलू उड़ान शुरू हो गई है. लोग आने जाने लगे हैं. कुछ पैसेंजर कोरोना पॉज़िटिव हो गए हैं. ट्रेन सेवा भी शुरू हो चुकी है. एक जून से दो सौ और रेलगाड़ी चलने लगेगी. कुछ बसें भी चलने लगी हैं. लेकिन एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर रोक है.लॉकडाउन फ़ाइव अगर होगा तो कैसा .. इस पर मीटिंग शुरू हो गाई है. कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ मीटिंग की. ऐसे में इस वीडियो के जरिए जानिए क्या लॉकडाउन 5.0 में मंदिर और मॉल खुलेंगे क्या
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