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क्यों नहीं पहुंचे Uddhav Thackeray, Farmers Law पर क्या है Shiv Sena का रुख? | Uncut
मुंबई के आजाद मैदान में किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियां पहुंचीं. चाहे वो एनसीपी मुखिया शरद पवार हों या कांग्रेस के बालासाहेब थोराट या फिर दूसरी विपक्षी पार्टियों के लोग, सबने किसानों से बात की और तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ खुलकर बोले. लेकिन इस आंदोलन में जिस पार्टी की मौजूदगी नहीं थी वो थी शिवसेना और उसके मुखिया उद्धव ठाकरे. इन कृषि कानूनों की शुरुआत से ही शिवसेना का स्टैंड साफ नहीं रहा है. एक सदन में समर्थन और एक सदन में विरोध शिवसेना का तरीका रहा है, जिसको लेकर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. मुंबई के आजाद मैदान से देखिए पश्चिम भारत संपादक जीतेंद्र दीक्षित की ये रिपोर्ट.
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