Premanand Maharaj vs Rambhadracharya: धर्म का नाम...कौन कर रहा है बदनाम? | ABP News
इसी बीच जगदगुरु रामभद्राचार्य ने एक बयान दिया है। उनका कहना है कि पहले विद्वान लोग ही कथावाचन करते थे, आजकल मूर्ख लोग धर्म का ज्ञान दे रहे हैं,प्रेमानंद जी हमारे लिए बालक के समान हैं मैं चैलेंज करता हूं प्रेमानंद जी एक अक्षर संस्कृत का बोलकर दिखा दें। चैलेंज करता हूं प्रेमानंद जी मेरे कहे संस्कृत के श्लोकों का अर्थ समझा दें। प्रेमानंद जी को लेकर द्वेष नहीं लेकिन न तो वो विद्वान हैं न चमत्कारी पुरुष। चमत्कार उसको कहते हैं जो शास्त्रीय चर्चा पर सहज हो और श्लोकों का अर्थ ठीक से बता पाए जगदगुरु रामभद्राचार्य का ये बयान प्रेमानंद महाराज को लेकर है जो इन दिनों बेहद लोकप्रिय हैं, बड़ी बड़ी हस्तियां प्रेमानंद महाराज से मार्गदर्शन के लिए पहुंचती हैं। लेकिन पिछले दिनों उन्होंने स्त्री-पुरुष के चरित्र को लेकर एक बयान दिया जिसको लेकर काफी विवाद हुआ, उन्होंने कहा कि जिस स्त्री या पुरुष को 4 लोगों से मिलने की आदत हो जाएगी वो कभी अपने जीवनसाथी से संतुष्ट नहीं हो सकता सिर्फ प्रेमानंद महाराज ही नहीं कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के भी कई ऐसे बयान सामने आए जिससे काफी हंगामा मचा। अनिरुद्धाचार्य ने 14 साल में लड़कियों की शादी का समर्थन किया, ये कहा कि ज्यादा सुंदर होना स्त्री का दोष है, और भी बहुत कुछ ऐसा कहा जो बिल्कुल ठीक नहीं है।





































