ट्रेंड को फॉलो कर Wired Earbuds ले रहे हैं? खरीदने से पहले जान लें इनके झंझट
Wired Earphone Disadvantages: वायर्ड ईयरफोन फिर से चलन में आ गया है. अब सेलिब्रिटी से लेकर आम लोग फिर से इसे यूज करने लगे हैं. हालांकि, इसके कुछ झंझट भी हैं.

- अलग-अलग फोन के साथ संगतता की समस्या रहती है।
Wired Earphone Disadvantages: वायर्ड ईयरफोन फिर से ट्रेंड में आ गए हैं. बीच में ब्लूटूथ ईयरबड्स का चलन बढ़ा था, लेकिन अब फिर से सेलिब्रिटी से लेकर आम लोग वायर्ड ईयरफोन यूज करने लगे हैं. वायर्ड ईयरफोन के कई फायदे हैं. ऑडियो क्वालिटी से लेकर बैटरी का झंझट न होने समेत इनके कई फायदे हैं और यही वजह है कि लोग फिर से इनका इस्तेमाल करने लगे हैं. हालांकि, इनके कई नुकसान भी हैं, जिनकी जानकारी होना जरूरी है. अगर वायर्ड ईयरफोन खरीद रहे हैं तो इन्हें दिमाग में रखना जरूरी है.
वायर का उलझना
वायर्ड ईयरफोन का सबसे बड़ा झंझट वायर का उलझना है. हालांकि, कई लोग यूज करने के बाद ईयरफोन को संभालकर रखते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें सीधा ही रख देते हैं. इसलिए जब इन्हें दूसरी बार बैग या पॉकेट से निकला जाता है तो वायर उलझ जाते हैं और इन्हें अनटैंगल करना झंझट वाला काम हो जाता है. ब्लूटूथ ईयरबड्स के मामले में ऐसी दिक्कत नहीं रहती.
मोबिलिटी की दिक्कत
वायर्ड ईयरफोन के साथ यह बड़ी दिक्कत मोबिलिटी को लेकर है. ब्लूटूथ ईयरबड्स लगाकर आप घर में कहीं भी घूम सकते हैं और मोबाइल को साथ रखने की जरूरत नहीं होती. आप एक कमरे में फोन रखकर दूसरे कमरे में बैठे-बैठे म्यूजिक और पॉडकास्ट आदि सुन सकते हैं, लेकिन वायर्ड ईयरफोन के साथ यह फ्लैक्सिबिलिटी नहीं है. वायर्ड ईयरफोन यूज करते समय आपको फोन पॉकेट में रखना जरूरी है. इसमें मोबिलिटी की फ्लैक्सिबिलिटी नहीं होती.
ड्यूरैबिलिटी
वायर्ड ईयरफोन की ड्यूरैबिलिटी का भी झंझट रहता है. वायर मुड़ने और कई बार खींचने के कारण यह डैमेज हो सकता है. जहां से वायर मुड़ती है, वहां से यह जल्दी टूटने लगती है. इस कारण म्यूजिक सुनने का एक्सपीरियंस खराब हो जाता है. इससे बचने के लिए हैंडलिंग का बहुत ध्यान रखना पड़ता है. ऐसा न करने पर वायर्ड ईयरफोन खराब हो सकते हैं.
कंपैटिबिलिटी
कंपैटिबिलिटी को लेकर भी दिक्कत रहती है. अलग-अलग फोन में अलग-अलग हेडफोन जैक होते हैं. उदाहरण के तौर पर एंड्रॉयड फोन में 3.5mm जैक मिल जाता है, लेकिन ऐप्पल आईफोन में यह काम नहीं करता. इसलिए अगर कोई एंड्रॉयड और आईफोन यूज करता है तो उसे अलग-अलग ईयरफोन यूज करने पड़ते हैं. इस तरह कंपैटिबिलिटी को लेकर भी झंझट रहता है. वायर्ड ईयरबड्स के मामले में यह दिक्कत नही होती. ब्लूटूथ वाले ईयरफोन में यह दिक्कत नहीं होती और इसे एंड्रॉयड और आईफोन के साथ यूज किया जा सकता है.
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