आपका पुराना स्मार्टफोन क्यों करने लगता है हैंग, जानें क्या है सच्चाई?
Tech Tips: अगर आपके फोन की स्टोरेज 80 से 90 प्रतिशत तक भर चुकी है तब हैंग होने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.

- स्पीड बढ़ाने हेतु स्टोरेज साफ, बैटरी जांचें और ऐप्स व्यवस्थित करें।
Tech Tips: स्मार्टफोन का इस्तेमाल पूरी दुनिया में काफी तेजी से बढ़ा है. लोग अपने स्मार्टफोन में अब जरूरी डॉक्यूमेंट्स से लेकर पर्सनल जानकारी भी रखने लगे हैं. लेकिन अक्सर देखा गया है कि स्मार्टफोन पुराना हो जाने पर हैंग करने लगता है. कई लोग अपने-अपने हिसाब से इसका कारण बता देते हैं. लेकिन क्या ऐसा सही में होता है या फिर कंपनियां जानबूझकर ऐसा करती हैं. आइए जानते हैं क्या है इसकी पूरी सच्चाई.
स्टोरेज भरते ही घटने लगती है स्पीड
आपको बता दें कि अगर आपके फोन की स्टोरेज 80 से 90 प्रतिशत तक भर चुकी है तब हैंग होने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. जब फोन में खाली जगह कम बचती है, तब सिस्टम को कुछ फाइलें बनाने और ऐप्स को सही तरीके से चलाने में दिक्कत होती है. इसके अलावा हजारों फोटो, वीडियो, डाउनलोड की गई फाइलें और बेकार के ऐप्स भी परफॉर्मेंस पर असर डालते हैं.

बैटरी पुरानी होने का भी पड़ता है असर
बता दें कि समय के साथ हर स्मार्टफोन की बैटरी की ताकत कम होने लगती है. पुरानी बैटरी पहले जितनी स्टेबल पावर सप्लाई नहीं दे पाती हैं. कुछ कंपनियां ऐसी स्थिति में फोन को अचानक बंद होने से बचाने के लिए प्रोसेसर की स्पीड कम कर देती हैं. इसका मकसद फोन को स्टेबल रखना होता है लेकिन यूजर को फोन पहले से स्लो महसूस हो सकता है. इसलिए कई बार सिर्फ बैटरी बदलवाने से भी फोन की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है.
बढ़ते सॉफ्टवेयर का दबाव
जानकारी के मुताबिक, हर साल Android और iOS के नए वर्जन आते हैं. इनके साथ नए फीचर्स, बेहतर सिक्योरिटी और एडवांस ग्राफिक्स भी ऐड हो जाते हैं. ऐसे में इन फीचर्स को चलाने के लिए ज्यादा प्रोसेसिंग पावर और RAM की जरूरत होती है. वहीं, पुराने स्मार्टफोन का प्रोसेसर और मेमोरी नई जरूरतों के हिसाब से उतने सक्षम नहीं रह जाते हैं. इसीलिए अक्सर देखा गया है कि पुराने स्मार्टफोन में लोगों को हैंग या स्लो चलने की समस्या देखने को मिल जाती है.
बैकग्राउंड में चलते रहते हैं कई ऐप्स
आज के समय में लगभग हर ऐप बैकग्राउंड में एक्टिव रहता है. सोशल मीडिया, मैसेजिंग, ईमेल, क्लाउड बैकअप और लोकेशन सर्विस जैसे फीचर्स लगातार प्रोसेसर और RAM का इस्तेमाल करती रहती हैं. अगर फोन में RAM कम है तो बार-बार ऐप्स रीलोड होते हैं और फोन हैंग होने लगता है.
वायरस और बेकार ऐप्स भी हैं जिम्मेदार
अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करना या जरूरत से ज्यादा ऐप इंस्टॉल करना भी फोन की स्पीड कम कर सकता है. कुछ ऐप्स लगातार ऐड दिखाते हैं, बैकग्राउंड में डेटा इस्तेमाल करते हैं और सिस्टम रिसोर्सेज पर एक्सट्रा प्रेशर डालते हैं. इससे फोन गर्म भी होने लगता है और उसकी परफॉर्मेंस भी खराब होती है.

क्या कंपनियां जानबूझकर फोन धीमा करती हैं?
दरअसल, ये सवाल लंबे समय से चर्चा में रहा है. लेकिन हकीकत ये है कि सभी कंपनियां जानबूझकर पुराने फोन को स्लो नहीं करती हैं. हालांकि कुछ मामलों में बैटरी की खराब कंडिशन के कारण परफॉर्मेंस मैनेजमेंट लागू किया जाता है ताकि फोन अचानक बंद न हो. दूसरी ओर, नए सॉफ्टवेयर और ऐप्स की बढ़ती मांग भी पुराने हार्डवेयर पर एक्स्ट्रा दबाव डालती हैं. इसलिए हर धीमे फोन के पीछे किसी साजिश को जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा.
कैसे पुराने स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाएं?
अब अगर आप भी अपने पुराने स्मार्टफोन की स्पीड को बढ़ाना चाहते हैं तो कुछ जरूरी स्टेप्स को फॉलो करना होगा. फोन की स्टोरेज में हमेशा ज्यादा खाली जगह रखें. जिन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें हटा दें. कैश फाइलों को समय-समय पर साफ करते रहें. केवल भरोसेमंद सोर्स से ही ऐप डाउनलोड करें. जरूरत पड़ने पर बैटरी को चेक करवाएं और खराब होने पर उसे बदलवाएं. साथ ही, फोन को समय-समय पर रीस्टार्ट करने और बेकार के बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने की आदत भी परफॉर्मेंस बेहतर बनाए रख सकती है.
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