Iran-Israel War: स्मार्टफोन की डिमांड पर पड़ा असर, कम हो गई बिक्री, स्टोर्स पर नहीं आ रहे लोग
Smartphone Demand: ईरान में जारी संघर्ष के बीच जहां इंडक्शन चूल्हे आदि चीजों की डिमांड बढ़ी है, वहीं स्मार्टफोन की डिमांड कम हो रही है. अब लोग फोन की बजाय घर के सामान खरीदने पर जोर दे रहे हैं.

Smartphone Demand: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर LPG के साथ-साथ स्मार्टफोन की डिमांड पर भी पड़ रहा है. युद्ध शुरू होने के बाद से लोगों का मोबाइल स्टोर्स पर जाना कम हो गया है और मोबाइल की डिमांड में भी भारी कमी देखी जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी-मार्च क्वार्टर में देश में मोबाइल शिपमेंट में भारी गिरावट आ सकती है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या वजहें मानी जा रही हैं.
महंगे फोन लेने से बच रहे लोग
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेलर्स ने बताया कि अब स्टोर्स में कम लोग आ रहे हैं और फोन की बिक्री भी धीमी हुई है. लोग अब नए फोन और खासकर मिड-रेंज और प्रीमियम सेगमेंट वाले मॉडल खरीदने से बच रहे हैं. ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन का कहना है कि LPG अवेलेबल होने की चिंताओं और ईरान संघर्ष तेज होने के बाद अब लोग स्मार्टफोन की जगह घर के सामान खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं. इस वजह से इंडक्शन चूल्हे और गर्मी के मौसम को देखते हुए एसी और रेफ्रिजरेटर की मांग बढ़ गई है.
मोबाइल शिपमेंट में आ रही गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, IDC एशिया पैसिफिक में सीनियर रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी ने कहा कि इस साल शिपमेंट के मामले में शुरुआत धीमी रही. जनवरी के साथ-साथ फरवरी में भी शिपमेंट कमजोर रही. शुरुआती डेटा से पता चलता है कि पहले क्वार्टर में शिपमेंट गिरकर 27-28 मिलियन रह सकती है, जो पिछले साल इसी दौरान 32 मिलियन थी.
लागत में हो रहा इजाफा
एक तरफ जहां स्मार्टफोन की डिमांड कम हो रही है तो दूसरी तरफ इंडस्ट्री को बढ़ती लागत झटका दे रही है. ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के चलते अब इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ गई है. ऐसे में प्राइसिंग के साथ-साथ मार्जिन पर भी दबाव बढ़ रहा है.
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Source: IOCL
























